- बीना माइनिंग लीज के वन क्षेत्र से सटकर हो रहा खनन
- अवैध खनन कर प्रतिदिन बेचा जा रहा लाखों का पत्थर
Sahibganj/Mandro: ईडी (ED), सीबीआई (CBI) एवं एनजीटी (NGT) की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद से जिले में अवैध पत्थर खदानों में खनन पूरी तरह से बंद हो गया था। ईडी के कार्रवाई के डर से अवैध पत्थर खदान चलाने वाले पत्थर माफियाओं में दहशत का माहौल था। वहीं लीज धारक भी अपने पत्थर खदान में एनजीटी व प्रदूषण बोर्ड के नियमों के तहत पत्थर उत्खनन करते थे। लेकिन ईडी के कार्रवाई के बाद धीरे-धीरे समय बीतता गया और अवैध पत्थर उत्खनन करने वाले माफिया एक बार फिर से सक्रिय हो गए हैं। इनका मनोबल दोबारा बढ़ा और अब वे निर्भिक होकर इन दिनों मंडरो अंचल के गुट्टीबेड़ा मौजा अंतर्गत बनचप्पा पहाड़ में धड़ल्ले से सात से आठ अवैध पत्थर खदान का संचालन कर रहे हैं।
- प्रतिदिन बेचा जा रहा लाखों का पत्थर
इन पत्थर माफियाओं के द्वारा प्रत्येक दिन करीब लाखों रुपए के पत्थर का अवैध खनन किया जा रहा है। बड़ी-बड़ी हाइवा वाहनों से पत्थरों की ढुलाई कर 3600 से 4000 रूपए प्रति हाइवा बोल्डर आसपास के विभिन्न क्रशर प्लांटों में बेचा जा रहा है।
- कार्रवाई न होने से माफियाओं का बढ़ रहा मनोबल
यहां तक की इन पत्थर माफियाओं पर प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने पर इनका मनोबल इतना बढ़ गया है कि दिन दहाड़े डीप बोर ब्लास्ट कर पत्थर निकलते हैं। जिससे पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंच रहा है। इनके अलावा रोजाना राज्य सरकार को लाखों रुपए के राजस्व का सीधे तौर पर नुकसान हो रहा है। वहीं प्रशासनिक साख को भी धता बता रहे हैं।
- ऊपर से नीचे तक है सब कुछ मैनेज
सूत्रों की माने तो ये पत्थर माफिया डंके की चोट पर यह कहते हैं कि हम उपर से नीचे तक मैनेज करके पत्थर खदान चलाते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि ये ऊपर और नीचे वाले कौन लोग हैं, जो पत्थर माफियाओं से सांठ-गांठ में है? इन पत्थर माफियाओं को आखिर किनका संरक्षण प्राप्त है?
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पत्थर माफियाओं की कारिस्तानी बदस्तूर जारी रहेगी या इनपर अंकुश लगाने प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
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