Barharwa: कथित आभूषण चोरी मामले पर पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में बरहरवा बाजार बंद

Barharwa: साहिबगंज जिले के बरहरवा स्थित प्रशिद्ध माँ विंध्यवासिनी मंदिर में कथित आभूषण चोरी मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस द्वारा बिना मामले की छानबीन और लिखित शिकायत के अनुराग आनंद की बेरहमी से पिटाई एवं मंदिर के सेवक गंगानंद गिरी को पूछताछ के नाम पर प्रताड़ित करने के विरोध में स्थानीय लोगों ने बुधवार को सड़क जाम कर बरहरवा बाजार पूरी तरह से बंद करवा दिया। बरहरवा बाजार की लगभग सभी दुकानें सुबह 8 से लेकर दोपहर 1 बजे तक बंद रहीं। वहीं शहर के रेलवे फाटक, स्टेशन चौक, मस्जिद चौक, लोहा पुल, रतनपुर, कुशवाहा टोला व पतना चौक में प्रदर्शनकारियों ने बांस बल्ला लगाकर सड़क मार्ग को अवरुद्ध किया, जिस कारण सुबह से ही आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। बरहरवा बंद के समर्थन में सैकड़ों बरहरवा वासियों ने स्टेशन चौक व पतना चौक में इकठ्ठा होकर धरना प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया।

  • क्या है मामला?

ज्ञात हो कि बिंदुधाम मंदिर के सेवक गंगानंद गिरी बाबा और बरहरवा आरएसएस के नगर कार्यवाहक अनुराग आनंद पर कथित आभूषण चोरी के लगे आरोप मामले में बिना किसी लिखित शिकायत व जाँच के रांगा थाना पुलिस ने अनुराग की बेरहमी से पिटाई कर दी थी। जिससे अनुराग की तबियत ज़्यादा बिगड़ गयी तो आनन-फानन में पुलिस रांगा अस्पताल लेकर गयी जहां से उसे सदर अस्पताल साहिबगंज रेफर कर दिया गया। मरीज की गंभीर हालत देख सदर अस्पताल ने भी उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। जिसके बाद से मालदा के एक निजी अस्पताल में अनुराग का इलाज चल रहा है।

  • राजनितिक दवाब में पुलिस ने की पिटाई?

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रांगा थाना की पुलिस ने राजनीतिक दबाव के कारण ऐसा बर्बरता पूर्व कार्य किया है। केवल दूरभाष में मिली सुचना से पुलिस किसी को भी उठाकर ऐसे बेरहमी से कैसे पिटाई कर सकती है? पुलिस मंदिर के मुख्य सेवक गंगानंद बाबा को जबरन मंदिर से उठाकर थाना लाती है और पूछताछ के नाम पर दिनभर बिठाकर शाम को छोड़ देती है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस अनुराग आनंद को 14 सितंबर की रात को हिरासत में लेकर थाने ले जाती है और उसकी पिटाई करती है। जब अनुराग की तबियत बिगड़ी तो मामले की लीपापोती करने 15 सितंबर को मंदिर कमिटी ने आवेदन प्रेषित किया।

  • क्या चोरी हुआ इसका खुलासा नहीं कर पाई पुलिस?

कथित आभूषण चोरी को लेकर पुलिस ने अनुराग आनंद की बेरहमी से पिटाई कर दी लेकिन पुलिस अब तक यह साबित नहीं कर पायी कि मंदिर से कौन-कौन से आभूषणों की चोरी हुई है। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया है कि अगर पुलिस को लगता है कि चोरी हुई है, तो क्या-क्या सामानों की चोरी हुई, अब तक पुलिस ने क्यों नहीं उजागर किया?

  • मंदिर के चौकीदार पर उठ रहे सवाल?

धरना प्रदर्शन के दौरान भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष पांचू सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि विंध्यवासिनी मंदिर में पुलिस प्रशासन में कैंप बनाया है। मंदिर कमिटी का कहना है कि कैंप के चौकीदार कि सूचना के आधार पर पता चला कि मंदिर के गंगा महाराज मंदिर का धातु सप्लाई कर रहा है। यदि धातु सप्लाई करते हुए चौकीदार ने देखा और मंदिर कमेटी के लोगों को सूचना किया तो उसने स्वयं अनुराग आनंद को उसी समय क्यों नहीं पकड़ा? चौकीदार ने इसकी सुचना पहले पुलिस को क्यों नहीं दी? पांचू सिंह ने आगे कहा कि इस षडयंत्र में मंदिर कमेटी के साथ-साथ चौकीदार भी शामिल है। चौकीदार का बेटा ही मंदिर का सेक्रेटरी बना हुआ है। 

 

  • नहीं हुई कार्रवाई को हाईकोर्ट में दायर करेंगे रीट?

वरिष्ठ भाजपा नेता कमल कृष्णा भगत ने कहा कि अगर पुलिस प्रशासन अनुराग आनंद के साथ हुए बर्बरता पूर्ण पिटाई मामले में दोषी थाना प्रभारी पर कार्रवाई नहीं करती है तो हम इस मामले लेकर झारखण्ड हाई कोर्ट तक जायेंगे और हाई कोर्ट में रीट दायर कर अनुराग आनंद और गंगा बाबा को न्याय दिलाने का काम करेंगे।

 

  • प्रदर्शनकारियों की क्या है मांगें?

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन तुरंत थाना प्रभारी को एवं थाना प्रभारी के साथ जितने लोगों ने मिलकर अनुराग आनंद की पिटाई की है उनको निलंबित कर धारा 307 के तहत कार्रवाई कर न्यायायिक हिरासत में भेजे और षड्यंत्रकारी कमिटी के लोगों के खिलाफ भी जाँच कर कार्रवाई करे।

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WASIM AKRAM
Author: WASIM AKRAM

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