- इंटरनेट सेवा बंद होने से रेल, हवाई, परिवहन व बैंकिंग सेवा पर पड़ा असर
- इंटरनेट बंद को लेकर हाई कोर्ट में दायर हुई जनहित याचिका
- भाजपा ने साधा झारखंड सरकार पर निशाना
Ranchi: इसी साल जनवरी महीने में जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा पेपर लीक होने के कारण रद्द कर दी गई थी। जिस कारण राज्य सरकार की काफी फजीहत भी हुई थी। इस बार जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में पेपर लीक से बचने के लिए राज्य सरकार ने परीक्षा अवधि के दौरान इंटरनेट बंद करने का फैसला लिया। सरकार के इस फैसले को लेकर लोग हैरान हैं। क्योंकि, ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी परीक्षा के लिए पूरे प्रदेश का इंटरनेट बंद हुआ है।
प्रतियोगी परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक जैसे मामलों पर अंकुश लगाने में विफल हेमंत सरकार ने पेपर लीक की समस्या से निपटने के लिए इस बार परीक्षा अवधि के दौरान राज्य के 24 जिले में इंटरनेट बैन करने का फैसला लिया। शनिवार को पूरे राज्य भर में सुबह 8 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक इंटरनेट सेवा पूरी तरह से बंद रही। सरकार के इस अजीबो-गरीब फैसले ने पुरे राज्य को अस्त-व्यस्त कर दिया। रविवार को होने वाले परीक्षा को लेकर भी लगभग 5.30 घंटे तक इंटरनेट सेवा बंद रहेगी।
- ई-कॉमर्स व ऑनलाइन पेमेंट पर सबसे ज्यादा प्रभाव
झारखंड में इंटरनेट सेवाएं बंद होने का सबसे ज्यादा असर ऑनलाइन पेमेंट पर रहा। शॉपिंग मॉल से लेकर चाय की दुकान पर पेमेंट करने के लिए लोग परेशान दिखे। रविवार को भी इंटरनेट बंद रहने के कारण ऑनलाइन पेमेंट सेवा सबसे ज्यादा प्रभावित होगी। मोबाइल इंटरनेट बंद होने का बड़ा असर ई-कॉमर्स डिलीवरी, पेट्रोल पंप से लेकर हर छोटी-बड़ी दुकानों पर भी रहा।
- रेल, हवाई, परिवहन, बैंकिंग व अन्य ऑनलाइन सेवा पर पड़ा असर
राज्य भर में इंटरनेट सेवा बंद होने के कारण रेल, हवाई व अन्य परिवहन सेवाएं भी प्रभावित रहीं। ऑनलाइन ट्रैन व हवाई टिकट बुकिंग, हवाई यात्रा के लिए ऑनलाइन वेब-चेकइन करने में यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावे बैंकिंग व अन्य ऑनलाइन सेवाएं भी इंटरनेट बंद होने की वजह से प्रभावित हुईं।
- इंटरनेट बंद को लेकर हाई कोर्ट में दायर हुई जनहित याचिका
इंटरनेट सेवा बहाल करने को लेकर झारखण्ड हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी। विशेष कोर्ट में याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अनंदा सेन और अनुभा रावत चौधरी की खंडपीठ ने कहा कि आईटी एक्ट 69 ए के तहत राज्य सरकार को इंटरनेट बंद करने का अधिकार है। मामले को लेकर कोर्ट ने सरकार से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।
झारखंड में 21 और 22 सितंबर की सुबह 08:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी।
झारखंड सरकार का एक और तुगलकी फरमान। परीक्षा में कदाचार रोकने के लिए फूल प्रूफ सिस्टम नहीं बना पाए तो पूरे प्रदेश के साढ़े तीन करोड लोगों का इंटरनेट बंद कर दिया।यह तो अंग्रेजों के जमाने…
— Pratul Shah Deo???????? (@pratulshahdeo) September 20, 2024
- भाजपा ने साधा झारखंड सरकार पर निशाना
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा, ‘‘जब झारखंड सरकार परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए फुलप्रूफ व्यवस्था नहीं बना पायी तो उन्होंने पूरे राज्य में 3.5 करोड़ लोगों के लिए इंटरनेट बंद कर दिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार की नाकाम व्यवस्था को छिपाने का एक और मनमाना फरमान है।’’
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं स्थगित करने के फैसले की आलोचना करे हुए कहा कि इससे लोगों को काफी असुविधा होगी। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘यह निर्देश परीक्षा में अनुचित तरीकों को रोकने में झारखंड सरकार की विफलता को दिखाता है।’’ उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में मोबाइल इंटरनेट के साथ ही ब्रॉडबैंड सेवाएं भी निलंबित की गयी हैं।
अभी वरीय अधिकारियों से वार्ता कर कल से आयोजित होने वाली झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC CGL) परीक्षा के तैयारियों के संबंध में जानकारी ली एवं उन्हें जरूरी दिशा निर्देश दिए।
किसी भी सूरत में किसी भी तरह की कोताही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।…
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) September 20, 2024
वहीँ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को कहा था कि उन्होंने परीक्षा की तैयारियों को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से बात की है। उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी परिस्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’’
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