Jharkhand Assembly Election 2024 के लिए Congress ने ओबीसी कार्ड खेला है। पार्टी की ओर जारी पहली सूची में 21 प्रत्याशियों में से सात पिछड़ा वर्ग और सात आदिवासी कोटे से प्रत्याशी बनाया गया है। महगामा से दीपिका पांडेय सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है, जो स्वर्ण के साथ ओबीसी वोटों को भी पार्टी के पक्ष में बदल सकती हैं। इस तरह आठ सीटों पर ओबीसी दावेदारी की है। इनके अलावा कांग्रेस ने 7 सीटों से वर्तमान आदिवासी विधायकों पर ही दांव खेला है। जामताड़ा से मुस्लिम प्रत्याशी उतारा है।
कांग्रेस लगातार पिछड़ा वर्ग को 27 आरक्षण देने की मांग करती रही है। पिछले चुनाव के घोषणा पत्र में भी इसका वादा किया था, लेकिन झारखंड विधानसभा से प्रस्ताव पास होने पर भी अब तक लागू नहीं हो सका है। मामला केंद्र सरकार के पास लंबित है।
- ओबीसी कोटे से बनाए गए थे प्रदेश अध्यक्ष
कांग्रेस ने पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए केशव महतो कमलेश को प्रदेश अध्यक्ष बनाया। इससे ओबीसी मतदाताओं में यह संदेश दिया कि उनके समाज के व्यक्ति को पार्टी ने राज्य में सर्वोच्च पद दिया है। ऐसे में पार्टी समाज के उत्थान के लिए कार्य करती रहेगी।
कांग्रेस ने 2019 के विधानसभा चुनाव में लड़ी गई अपनी सीट विश्रामपुर राजद को दे दी है। ऐसे में पार्टी छतरपुर से प्रत्याशी उतार सकती है। पूर्व मंत्री राधाकृष्ण किशोर को कांग्रेस ने पार्टी में शामिल कराया है। वे यहां से प्रत्याशी हो सकते हैं। वहीं, पाकुड़ से विधायक आलमगीर आलम के जेल में रहने की वजह से उनकी पत्नी या बेटे को टिकट मिलता दिख रहा है।
इसके अलावा बरही से विधायक उमाशंकर अकेला या उनके बेटे को, डालटनगंज से केएन त्रिपाठी को टिकट मिलना तय माना जा रहा है। इसके अलावा धनबाद से अजय दुबे या अभिजीत राज को, पांकी से देवेंद्र सिंह उर्फ बिट्टू सिंह को, कांके से चंदन बैठा और बोकारो से तीन के नामों पर मंथन चल रहा है।
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