New Delhi: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा,
‘ईडी की शिकायतों में एक पैटर्न दिखता है, जिसमें एजेंसी आरोप तो लगाती है, लेकिन उसके समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं देती।’
यह टिप्पणी जस्टिस अभय एस. ओक और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में आरोपी अरविंद सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान की। कोर्ट ने कहा,
हमने ईडी की कई शिकायतें देखी हैं, जिनमें सिर्फ आरोप होते हैं। उनमें किसी ठोस सामग्री का उल्लेख नहीं होता।
कोर्ट ने ईडी से पूछा- वह कौन-सा ठोस आधार है, जिससे यह कहा जा रहा है कि अरविंद सिंह ने 40 करोड़ रु. कमाए? हालांकि ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी इसे लेकर ठोस सबूत नहीं दिखा सके। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार के लिए तय की है।
“हमने ED के कई मामले देखे हैं, आजकल यह पैटर्न हो गया है कि ED बिना किसी सबूत के आरोप लगा रही है”
◆ छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई करते हुए SC ने कहा #SupremeCourt | Supreme Court | #ED pic.twitter.com/Ac3UmEVl0B
— News24 (@news24tvchannel) May 5, 2025
ये भी पढ़ें: Ranchi में ACB की बड़ी कार्रवाई, DMO ऑफिस का कंप्यूटर ऑपरेटर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार









