Ranchi: फर्जी बैंक गारंटी पर ठेका लेने वाली एजेंसियों पर FIR के बाद ED कर सकती है एंट्री

After FIR against agencies taking contracts on fake bank guarantee, ED will enter investigation

Ranchi, 16 मई 2025 (शुक्रवार): झारखंड में फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर ठेका हासिल करने वाली दो प्लेसमेंट एजेंसियों के खिलाफ जैसे ही प्राथमिकी दर्ज होगी, प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी अपनी जांच शुरू कर सकती है। ईडी पहले से राज्य में शराब घोटाले के सिलसिले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है और यह मामला भी उसके रडार पर आ चुका है।

सूत्रों के अनुसार, मार्शन इनोवेटिव सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड और विजनल हॉस्पिटालिटी सर्विस एंड कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड नामक एजेंसियों ने झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) से शराब दुकानों में मैनपावर आपूर्ति के लिए फर्जी बैंक गारंटी देकर ठेका हासिल किया था। जांच में दोनों गारंटी फर्जी पाई गईं, इसके बावजूद न तो एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया गया, न ही अब तक प्राथमिकी दर्ज हुई है।

  • बैंकों ने खुद की फर्जीवाड़े की पुष्टि

JSBCL की जांच के बाद पता चला कि विजनल हॉस्पिटालिटी ने पंजाब एंड सिंध बैंक, गीता कॉलोनी, नई दिल्ली शाखा की फर्जी गारंटी दी थी, जिसकी पुष्टि बैंक ने 31 जनवरी 2024 को की थी। वहीं, मार्शन सिक्योरिटी ने कोलकाता स्थित बंधन बैंक की फर्जी गारंटी सौंपी थी, जिसे बैंक ने 2 मार्च 2024 को झूठा बताया।

  • FIR लटकी, ED तैयार

राज्य सरकार का उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग पिछले एक साल से इन एजेंसियों पर प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर विधिक सलाह ले रहा है। फाइल विधि विभाग के पास लंबित है और अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

  • अधिवक्ता राजीव कुमार ने मिलीभगत का लगाया था आरोप

इस घोटाले को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता राजीव कुमार ने 17 अप्रैल को झारखंड ऑनलाइन एफआईआर सिस्टम पोर्टल पर शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी बैंक गारंटी पर काम आवंटन अधिकारियों की मिलीभगत से संभव हुआ है, जो एक गंभीर आर्थिक अपराध है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ये एजेंसियां शराब बिक्री की करोड़ों रुपये की राशि अब तक जमा नहीं कर पाई हैं, फिर भी अधिकारियों की इन पर मेहरबानी बनी हुई है।

  • निष्क्रियता पर सवाल

सवाल यह उठ रहा है कि जब दोनों बैंक स्वयं यह गारंटी फर्जी बता चुके हैं, तो अब तक कोई कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। यदि प्राथमिकी दर्ज होती है, तो ईडी इसे अपने जांच के दायरे में लेने को तैयार है, जिससे यह मामला और व्यापक स्तर पर खुल सकता है।

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Author: WM 24x7 News

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