Barharwa के लोगों की बेबसी: अंडरपास बना जलकुंड, जिंदगी हो गई जोखिम भरी

The helplessness of the people of Barharwa: Underpass became a water tank, life became risky

Barharwa, 17 मई 2025 (शनिवार): मालदा रेल मंडल अंतर्गत बरहरवा रेलवे स्टेशन के पूर्वी फाटक को बंद किए जाने के बाद लोगों के लिए एकमात्र रास्ता बचा है, रेलवे अंडरपास। लेकिन यह अंडरपास अब राहत का नहीं, बल्कि आफ़त का रास्ता बन गया है। हल्की सी बारिश भी यहां ज़िंदगी को थमा देती है। शुक्रवार रात की बारिश ने फिर वही मंजर दोहराया, अंडरपास में पानी भर गया, और तीन फीट से अधिक ऊंचे जलजमाव ने लोगों की आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया।

इस अंडरपास में भरे पानी का एक ताज़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोग किन हालातों में फंसे हुए हैं। गंदा और गहरा पानी अंडरपास को एक जलकुंड में तब्दील कर चुका है। बच्चे, बुज़ुर्ग, महिलाएं सबके लिए यह रास्ता अब जोखिम से भरा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि रेलवे ने वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात जरूर कही थी, लेकिन हर बारिश के बाद हालात वही रहते हैं। पानी की निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। स्कूल जाने वाले बच्चे, बैंक और सरकारी कार्यालय जाने वालों, दवा लेने जाने वाले बुज़ुर्ग, रोज़गार की तलाश में निकलने वाले युवक, सबको इस रास्ते से होकर ही गुजरना पड़ता है।

स्थानीय निवासी सह झामुमो नेता शक्तिनाथ अमन, जो अंडरपास की बदहाली और जनता की बेबसी पर लगातार आवाज उठा रहे हैं। शुक्रवार की बारिश के बाद जब अंडरपास फिर जलमग्न हुआ और लोगों की ज़िंदगी ठहर गई, तब शक्तिनाथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायज़ा लिया। झामुमो नेता शक्तिनाथ अमन ने कहा कि,

“बरहरवा के लोगों को अंडरपास के नाम पर मौत का कुआं दे दिया गया है। यह न सिर्फ़ प्रशासनिक विफलता है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ खिलवाड़ है। बरहरवा की जनता कि ओर से यह साफ कर देना चाहता हूं कि इस अपमान और परेशानी को हम अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

मालदा रेल मंडल द्वारा कई बार दावे किए गए कि जलजमाव से निपटने के लिए इंतज़ाम किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत हर बार इन दावों की पोल खोल देती है। अंडरपास की सफाई, पानी की निकासी और ऊंचाई बढ़ाने जैसी मांगें अब तक अधूरी हैं। बरहरवा के लोग सवाल पूछ रहे हैं, कब मिलेगा उन्हें एक सुरक्षित रास्ता? क्या रेलवे प्रशासन जागेगा तब, जब कोई बड़ी दुर्घटना होगी?

बरहरवा के इस अंडरपास की स्थिति न सिर्फ़ तकनीकी विफलता का प्रतीक है, बल्कि यह प्रशासनिक संवेदनहीनता का भी आईना है। ज़रूरत है तत्काल कदम उठाने की, ताकि लोगों की ज़िंदगी राहत की पटरी पर लौट सके।

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Author: WM 24x7 News

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