Hazaribagh: पूर्व मंत्री योगेंद्र साव एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। मंगलवार रात हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र अंतर्गत जोरदगा में ट्रांसपोर्टिंग को लेकर हाइवा मालिकों और योगेंद्र साव व उनके समर्थकों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक के बाद पथराव हुआ, जिसमें कई लोग घायल हो गए। घायलों का इलाज केरेडारी सीएचसी में किया गया।
हाइवा मालिकों ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री ने प्रति टन ₹10 की लेवी की मांग की थी, और इनकार करने पर ट्रांसपोर्टिंग बंद करा दी गई। इसके अलावा, हाइवा चालकों के साथ मारपीट का भी आरोप लगाया गया है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में हाइवा मालिक सड़क पर जमा हो गए, जिसके बाद फिर से झड़प हुई। योगेंद्र साव के बॉडीगार्ड पर पिस्तौल तानने का भी आरोप है।
घटना के संबंध में हाइवा मालिकों ने योगेंद्र साव, उनके सहयोगी दिलीप साव, दो बॉडीगार्ड और करीब 20-25 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कराया है।
वहीं, योगेंद्र साव ने भी पगार ओपी में आवेदन देकर सरोज साव, कंचन यादव, लक्ष्मण साव सहित आठ नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाइवा के टक्कर से निर्माणाधीन सरकारी भवन को नुकसान पहुंचा है, जिसमें उनका ₹50 लाख का निजी सामान रखा हुआ था, जिसे लूट लिया गया। साथ ही उनके बॉडीगार्ड के साथ बदसलूकी की बात भी कही गई है।
गौरतलब है कि सोमवार सुबह एक अज्ञात हाइवा वाहन की टक्कर से जोरदाग स्थित सरकारी भवन को क्षति पहुंची थी, जिसके बाद तनाव बढ़ता चला गया।
ये भी पढ़ें: Sahibganj: सरकारी कार्य में बाधा डालने और ब्लैकमेलिंग के आरोपी वरुण जायसवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल









