Sahibganj: भाजपा की वरीय नेत्री सीता सोरेन ने शनिवार को साहिबगंज जिले के सकरीगली स्थित बंदरगाह और निर्माणाधीन साहिबगंज-मनिहारी गंगा पुल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के पश्चात परिसदन में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड के गठन के 25 वर्षों बाद भी संथाल परगना क्षेत्र और विशेषकर साहिबगंज जिला विकास से कोसों दूर है। सीता सोरेन ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का गृह जिला होने के बावजूद साहिबगंज की तस्वीर नहीं बदली है। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां के मूलवासी अभी भी बदहाली में जीवन बिता रहे हैं और सड़कों की हालत अत्यंत खराब है।
उन्होंने कहा, गंगापुल और बंदरगाह जैसी प्रमुख परियोजनाएं केवल केंद्र की मोदी सरकार की देन हैं। ये योजनाएं जिले को न केवल देश के अन्य हिस्सों से बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी जोड़ेंगी। सीता सोरेन ने खनिज संसाधनों के अनियंत्रित दोहन और पाकुड़ क्षेत्र में पत्थर के पहाड़ों को ‘ऐतिहासिक धरोहर’ बताते हुए उसे बचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विदेशों में निवेशकों की तलाश में हैं, लेकिन उन्हें पहले अपने क्षेत्र की ओर ध्यान देना चाहिए।
राजनीतिक गलियारों चर्चा है कि सीता सोरेन का यह दौरा आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से कई संकेत दे रहा है।
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