Sahibganj, 26 मई 2025 (सोमवार): पुलिस लाइन जैसे सुरक्षित परिसर में एक आरक्षी का शव मिलना न केवल एक गंभीर आपराधिक घटना है, बल्कि पुलिस विभाग की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। रविवार को महिला बैरक के समीप स्थित पुराने क्वार्टर (बी-4 और बी-2) के बीच अस्थायी अहाते से आरक्षी का शव बरामद होने के बाद से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
सोमवार को संथाल परगना के डीआईजी अंबर लकड़ा साहिबगंज पहुंचे और एसपी कार्यालय में अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की और घटना स्थल का भी मुआयना किया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है, जिसमें दो डीएसपी शामिल हैं और स्वयं एसपी अमित कुमार इस केस की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
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घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक और डॉग स्क्वॉड की टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए रांची से विशेष फोरेंसिक टीम बुलाई गई, जिसने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। साथ ही, दुमका से आई डॉग स्क्वॉड टीम ने भी मौके का मुआयना किया। सूत्रों के मुताबिक, कुछ सुरागों के आधार पर संदेह की दिशा में जांच आगे बढ़ रही है।

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दुमका डीआईजी ने क्या कहा?
डीआईजी अंबर लकड़ा ने बताया, “हम सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रहे हैं। यह सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि हमारी अपनी आंतरिक सुरक्षा प्रणाली की भी परीक्षा है। दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।”
Sahibganj में आरक्षी की संदिग्ध मौत की जांच तेज, डीआईजी ने कहा, जल्द होगा खुलासा pic.twitter.com/Ck0tQ7kLqC
— WM 24X7 NEWS (@wm24x7newz) May 26, 2025
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सुरक्षा में कैसे हुई चूक?
सवाल यह उठता है कि जिस परिसर में 24 घंटे सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था होनी चाहिए, वहां कोई इस तरह की घटना को अंजाम कैसे दे सकता है? क्या परिसर के भीतर प्रवेश और निकास की मॉनिटरिंग में कमी थी? क्या उस क्षेत्र में गश्ती व्यवस्था सुस्त थी।
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