Ranchi: छत्तीसगढ़ के अबुझमाड़ जंगलों में 21 मई को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए माओवादी शीर्ष नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू और 26 अन्य माओवादियों की मौत के विरोध में प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) ने मंगलवार, 10 जून को भारत बंद का आह्वान किया है। बंद की घोषणा संगठन की केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय ने की है।
माओवादियों ने सरकार पर शांति वार्ता और युद्धविराम प्रस्ताव को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। जारी बयान में कहा गया है कि, जनवरी 2024 से अब तक करीब 540 माओवादी मारे जा चुके हैं, जो उनके अनुसार सरकार की दमनकारी नीति का परिणाम है। बसवराजू को माओवादी संगठन का शीर्ष रणनीतिकार और महासचिव माना जाता था। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, उसकी मौत माओवादियों के लिए एक बड़ी रणनीतिक क्षति है।
-
पुलिस और रेलवे अलर्ट मोड पर
भारत बंद के मद्देनज़र नक्सल प्रभावित राज्यों छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, बिहार और महाराष्ट्र में पुलिस प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। थाना क्षेत्रों और सुरक्षाबलों के कैंपों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, रेल प्रशासन ने भी एहतियातन कदम उठाए हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से गुजरने वाली रात्रिकालीन ट्रेनों की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है और संवेदनशील रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है।
-
स्मारक सभाएं भी होंगी आयोजित
माओवादी संगठन ने यह भी घोषणा की है कि 11 जून से 3 अगस्त के बीच मारे गए माओवादियों की स्मृति में स्मारक सभाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें ग्रामीण इलाकों में जनता को “राज्य की हिंसा” के खिलाफ लामबंद करने की कोशिश की जाएगी।
-
पृष्ठभूमि में बढ़ता नक्सली तनाव
हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों ने नक्सल मोर्चे पर आक्रामक नीति अपनाई है। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और झारखंड के सीमाई क्षेत्रों में लगातार बड़े अभियान चलाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बसवराजू की मौत संगठनात्मक दृष्टिकोण से माओवादियों के लिए एक बड़ा झटका है, जिससे उनके नेटवर्क में अस्थिरता आई है।
-
जनजीवन प्रभावित होने की आशंका
भारत बंद के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है, खासकर झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के नक्सल प्रभावित ज़िलों में। परिवहन सेवाएं, व्यापारिक गतिविधियाँ और शैक्षणिक संस्थानों पर बंद का असर पड़ सकता है। प्रशासन ने आम जनता से अफवाहों से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।
ये भी पढ़ें: Sahibganj: शेरशाहबादी समाज को जाति प्रमाण पत्र अब तक नहीं मिलने पर एजेएसएस की बैठक, अंतरिम कमेटी का गठन









