Sahibganj: उप प्रमुख ने लगाया अवैध खनन का आरोप, सीओ रिपोर्ट में मिली आंशिक पुष्टि

Sahibganj: Deputy chief alleges illegal mining, CO report partially confirms it

Borio (Sahibganj): बोरियो प्रखंड के उप प्रमुख कैलाश प्रसाद द्वारा मौजा बिंदेरी बंदरकोला में अवैध खनन के आरोप के बाद अब उन्होंने इस प्रकरण को लेकर जिला खनन पदाधिकारी को लिखित पत्र सौंपा है। इस पत्र में उन्होंने अंचलाधिकारी द्वारा पूर्व में की गई जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कई गंभीर तथ्यों की ओर संकेत किया है।

चार एकड़ स्वीकृति, लेकिन 20 एकड़ में अवैध खनन का आरोप

उप प्रमुख ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि अंचल निरीक्षक की रिपोर्ट में माना गया है कि दाग संख्या 720 और 721 के कुछ अंशों पर अवैध रूप से पत्थर का उत्खनन हुआ है। लेकिन वह यह भी आरोप लगाते हैं कि सत्यनाथ साह, पिता–गोवर्धन साह द्वारा लगभग 20 एकड़ भूमि पर अवैध खनन किया गया है, जबकि सरकारी स्वीकृति केवल 4 एकड़ के लिए है।

विद्यालयों पर प्रभाव और राजस्व की क्षति

पत्र में बताया गया है कि यह अवैध खनन राजकीय आदिम जनजाति विद्यालय बंदरकोला सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों को भी प्रभावित कर रहा है। बारूद विस्फोट से न केवल ध्वनि और कंपन से विद्यालय भवनों को नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि छात्रों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ने की आशंका है।

सीओ रिपोर्ट में आंशिक खनन की पुष्टि

उक्त आरोपों की जांच बोरियो अंचलाधिकारी के निर्देश पर की गई। अंचल निरीक्षक द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट किया गया है कि दाग संख्या 719 के चार एकड़ क्षेत्र में खनन की विधिवत स्वीकृति वर्ष 2027 तक के लिए प्राप्त है। अब तक तीन एकड़ भूमि पर ही खनन हुआ है, किंतु आसपास की भूमि पर भी आंशिक अवैध खनन किए जाने के संकेत मिले हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्कूलों के फिलहाल बंद रहने के कारण बच्चों पर प्रभाव की स्थिति का आकलन नहीं किया जा सका है।

200 करोड़ के राजस्व नुकसान का आरोप

पत्र में अनुमान के आधार पर यह भी आरोप लगाया गया है कि अब तक इस अवैध खनन के कारण राज्य को लगभग ₹200 करोड़ का राजस्व नुकसान हुआ है। साथ ही यह सवाल भी उठाया गया है कि स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की चुप्पी और निष्क्रियता ने इस गैरकानूनी गतिविधि को बढ़ावा दिया है।

जिला खनन पदाधिकारी से त्वरित कार्रवाई की मांग

पत्र के अंत में उप प्रमुख ने जिला खनन पदाधिकारी से अनुरोध किया है कि इस पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई की जाए और दोषियों पर राजस्व चोरी और पर्यावरणीय क्षति के लिए कठोर दंड सुनिश्चित किया जाए।

 

अब प्रशासनिक कार्रवाई की अग्निपरीक्षा

इस पत्र से साफ है कि अब मामला केवल स्थानीय स्तर की शिकायत नहीं रहा, बल्कि यह एक वृहद अवैध खनन घोटाले का रूप ले चुका है। उप प्रमुख के आरोप, सीओ की रिपोर्ट और विद्यालयों पर पड़ रहे प्रभावों को देखते हुए प्रशासनिक कार्रवाई की दिशा और तीव्रता पर जनता की नजर है। यह देखना अहम होगा कि राजस्व हानि और छात्रों की सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर जिला प्रशासन कितनी गंभीरता से आगे बढ़ता है।

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Author: WM 24x7 News

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