Giriraj Singh का तीखा हमला: लोकतंत्र और वंशवाद एक-दूसरे के पूरक नहीं, Jharkhand में आपातकाल से भी भयावह स्थिति

Giriraj Singh's scathing attack: Democracy and dynasty are not complementary to each other, situation in Jharkhand is worse than Emergency
  • केंद्रीय मंत्री Giriraj Singh ने कांग्रेस को घेरा, हेमंत सरकार को बताया ‘जमाई टोला’, घुसपैठियों को संरक्षण देने का लगाया आरोप

Ranchi, 26 जून 2025: केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) ने बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस पार्टी और झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने 25 जून 1975 को लगे आपातकाल को लोकतंत्र का काला अध्याय करार देते हुए कहा कि कांग्रेस को इस दिन देशभर में माफी सभा आयोजित करनी चाहिए।

गिरिराज सिंह ने कहा कि लोकतंत्र और वंशवाद कभी भी एक साथ नहीं चल सकते। आपातकाल लगाने वाली इंदिरा गांधी वंशवाद की उपज थीं। उन्होंने लोकतंत्र को रौंदते हुए सत्ता के लोभ में देश पर तानाशाही थोप दी। उन्होंने वर्ष 1971 में राजनारायण द्वारा दायर चुनावी याचिका, इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा 12 जून 1975 को दिए गए निर्णय और फिर 24 जून को सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसले की पुष्टि का जिक्र करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी ने पद छोड़ने की बजाय तानाशाही का रास्ता अपनाया। 25 जून 1975 की रात राष्ट्रपति फकरुद्दीन अली अहमद से हस्ताक्षर करवा कर आपातकाल लागू किया गया। लाखों निर्दोष लोगों की गिरफ्तारी, राजनीतिक दलों के नेताओं को जेल में डालना, कर्मचारियों की छंटनी, जबरन नसबंदी, यह सब उस समय के काले अध्याय की भयावह तस्वीरें हैं। श्री सिंह कहा कि आज के नौजवानों को यह इतिहास जानना जरूरी है ताकि लोकतंत्र की ताकत को समझा जा सके।

कांग्रेस पर सीधा हमला

श्री सिंह ने आरोप लगाया कि आज कांग्रेस संविधान बचाओ की बातें कर रही है, लेकिन उसे पहले अपने अतीत के पापों का प्रायश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा इस दिन को लोकतंत्र रक्षा दिवस के रूप में मनाते हुए देशभर में मॉक पार्लियामेंट जैसे कार्यक्रमों से युवाओं को जागरूक कर रही है।

हेमंत सरकार पर हमला: झारखंड बनता जा रहा जमाई टोला

गिरिराज सिंह ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि राज्य आपातकाल से भी खतरनाक स्थिति से गुजर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में जमाई टोला संस्कृति हावी हो गई है और झारखंड बारूद के ढेर पर बैठा है। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को राज्य में रेड कार्पेट स्वागत दिया जा रहा है, जिससे आदिवासी समाज के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। आदिवासी बचेंगे तभी तो आदिवासी नेतृत्व बचेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हेमंत सरकार ने अभी तक पेसा कानून लागू नहीं किया, जो जल, जंगल और जमीन पर आदिवासी हक की रक्षा करता है। श्री सिंह ने कहा, यह सरकार सत्ता के लोभ में घुसपैठियों को संरक्षण देकर झारखंड को बर्बादी की ओर धकेल रही है। 

युवाओं को चेताया

गिरिराज सिंह ने राज्य के युवाओं से आह्वान किया कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर झारखंड की अस्मिता और संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि झारखंड को बचाना अब आजादी की तीसरी लड़ाई जैसा संघर्ष बन गया है।

प्रेस वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष वरुण साहू, प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, महानगर प्रवक्ता अजय साह और वरिष्ठ नेता लक्ष्मण सिंह सहित कई नेता उपस्थित थे।

ये भी पढ़ें: Emergency – भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय

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Author: WM 24x7 News

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