विधायक Shashi Bhushan Mehta साइबर ठगी के शिकार, फॉर्च्यूनर गाड़ी की नीलामी के नाम पर 1.27 लाख की ठगी

MLA Shashi Bhushan Mehta is a victim of cyber fraud, cheated of Rs 1.27 lakh in the name of auctioning a Fortuner car

Panki/Ranchi, 1 जुलाई 2025: पांकी से भाजपा विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता (Shashi Bhushan Mehta) साइबर ठगों के शिकार हो गए हैं। एक फॉर्च्यूनर गाड़ी की नीलामी में हिस्सा दिलाने के नाम पर ठगों ने उनसे 1.27 लाख रुपये ठग लिए। इस संबंध में विधायक ने तीन लोगों – रितेश कुमार, अनूप कुमार और आकाश सिन्हा के खिलाफ साइबर थाना में मामला दर्ज कराया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है।

GST अधिकारी बनकर किया संपर्क

विधायक मेहता ने बताया कि 26 जून की सुबह 9 बजे, उनके मोबाइल पर रितेश नाम के एक शख्स का फोन आया, जिसने खुद को जीएसटी विभाग का अधिकारी बताया। उसने बताया कि पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में जब्त गाड़ियों की नीलामी हो रही है। इसके बाद उसने व्हाट्सऐप पर कई गाड़ियों की तस्वीरें भेजीं, जिनमें एक टोयोटा फॉर्च्यूनर भी शामिल थी। गाड़ी की कीमत 12.70 लाख रुपये बताई गई और विधायक से कहा गया कि नीलामी में हिस्सा लेने के लिए कुल कीमत का 10% यानी 1.27 लाख रुपये एडवांस देने होंगे।

निजी सहायक से कराया ट्रांजेक्शन

विधायक उस समय मुंबई में लोकसभा की प्राक्कलन समिति की बैठक में शामिल होने गए थे। उन्होंने अपने निजी सहायक सरोज कुमार चटर्जी से संपर्क किया और उनसे बताए गए खाते में पैसा ट्रांसफर करवाया। रितेश ने अनूप नामक व्यक्ति का नंबर दिया, जिसने उन्हें आगे आकाश सिन्हा नाम के व्यक्ति का बैंक खाता नंबर भेजा। उसी खाते में ₹1,27,000 ट्रांसफर कर दिए गए।

फर्जी रसीद, फिर संपर्क विहीन

रकम ट्रांसफर होने के बाद रितेश ने एक फर्जी रसीद व्हाट्सऐप पर भेज दी, लेकिन इसके बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया और कोई संपर्क नहीं हो सका। शक होने पर विधायक ने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस कर रही है जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल सक्रिय हो गई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों रितेश कुमार, अनूप कुमार और आकाश सिन्हा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और लेन-देन से जुड़े बैंक खाते, कॉल डिटेल्स और IP ऐड्रेस खंगाले जा रहे हैं।

बढ़ती साइबर ठगी, सतर्क रहने की जरूरत

विधायक जैसे जनप्रतिनिधि तक जब ऐसे गिरोहों का शिकार हो सकते हैं, तो आम लोग भी आसानी से इनके जाल में फंस सकते हैं। यह घटना एक बार फिर साइबर सुरक्षा और जनजागरूकता की कमी की ओर इशारा करती है। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि कोई भी वित्तीय लेन-देन करने से पहले ऑफिशियल वेरिफिकेशन ज़रूर करें और संदिग्ध कॉल्स या स्कीम की जानकारी तुरंत नजदीकी थाना या साइबर सेल को दें।

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Author: WM 24x7 News

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