Godda/Sahibganj: साहिबगंज जिले के भोगनाडीह में हूल दिवस के अवसर पर हुई हिंसा और उपद्रव के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। गोड्डा पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि ये दोनों उपद्रव के मास्टरमाइंड हैं और इनकी गिरफ्तारी गोड्डा नगर क्षेत्र से हुई है।
तीन हथियार और गोलियां बरामद
गोड्डा के पुलिस अधीक्षक ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि आरोपियों के पास से तीन अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन दोनों की भूमिका भोगनाडीह की हिंसक घटनाओं को उकसाने और उसे योजनाबद्ध ढंग से अंजाम देने में थी।
चंपाई सोरेन के करीबी होने का दावा
पुलिस सूत्रों का यह भी कहना है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता चंपाई सोरेन के करीबी माने जाते हैं। यहां तक कि वे उनके सोशल मीडिया अकाउंट को संभालने का काम करते थे। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं की गई है, लेकिन इस एंगल की भी जांच की जा रही है।
गिरफ़्तारी से राजनीतिक हलचल तेज
इस गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। यदि इन आरोपियों के राजनीतिक संबंधों की पुष्टि होती है, तो यह मामला और भी संवेदनशील हो सकता है। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उपद्रव के पीछे कोई बड़ी साजिश या राजनीतिक उद्देश्यों की भूमिका तो नहीं थी।
गोड्डा पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इनके संपर्कों व गतिविधियों की गहन छानबीन की जा रही है। भोगनाडीह उपद्रव में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और जल्द ही अधिक गिरफ्तारियां संभव हैं।
ज्ञात हो कि 30 जून को हूल दिवस के अवसर पर भोगनाडीह में सरकारी कार्यक्रम को लेकर पुलिस और आदिवासी संगठनों के बीच टकराव और हिंसा हुई थी। पुलिस पर तीर और पत्थर से हमला किया गया था, जिसमें कई जवान घायल हुए थे। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया था।
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