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उपायुक्त मनीष कुमार के मार्गदर्शन में शिक्षा में गुणवत्ता की नई इबारत लिख रहा है Pakur जिला
Pakur , 5 जुलाई 2025 (शनिवार): शिक्षा के क्षेत्र में अभिनव पहल करते हुए पाकुड़ (Pakur) जिला प्रोजेक्ट परख 2.0 और उससे जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य में एक नई पहचान बना रहा है। उपायुक्त श्री मनीष कुमार के कुशल मार्गदर्शन में संचालित यह परियोजना विद्यार्थियों के अधिगम स्तर सुधार और सक्रिय भागीदारी को केंद्र में रखकर लागू की गई है।
प्रोजेक्ट परख 2.0 के तहत माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं के लिए प्रश्न बैंक के माध्यम से अभ्यास कराया जा रहा है, वहीं हर सप्ताह परीक्षा लेकर बच्चों के प्रदर्शन की समीक्षा की जा रही है। जिन विषयों में छात्र कमजोर पाए जा रहे हैं, उन्हें अतिरिक्त कक्षाओं के जरिये मजबूत किया जा रहा है। इसका असर भी देखने को मिला है — जहाँ वर्ष 2024 में पाकुड़ जिला मैट्रिक परीक्षा में राज्य में 22वें स्थान पर था, वहीं 2025 में यह सीधे द्वितीय स्थान पर पहुंच गया।
बोलेगा पाकुड़ (Pakur) कार्यक्रम बच्चों के व्यक्तित्व विकास में एक नई ऊर्जा भर रहा है। इस पहल के तहत प्रार्थना सभा में हर छात्र को 2 मिनट बोलने का अवसर दिया जाता है, जिससे बच्चों की झिझक खत्म हो रही है।
इसके साथ ही अन्य कार्यक्रम जैसे:
- ‘बाल चौपाल’, जहां बच्चे किसी विषय पर आपस में चर्चा करते हैं,
- ‘आज हमने क्या सीखा’, जिसके तहत वे घर जाकर माता-पिता को दिनभर की पढ़ाई बताते हैं,
- ‘फिर से स्कूल चलें’, के अंतर्गत शिक्षक, समिति सदस्य और जनप्रतिनिधि मिलकर स्कूल छोड़ चुके बच्चों को वापस ला रहे हैं,
- ‘सिटी बजाओ’ और ‘दरवाज़ा खटखटाओ’ जैसे अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल उपस्थिति बढ़ा रहे हैं।
तिथि भोजन सह जन्मोत्सव हर माह की 20 तारीख को मनाया जाता है, जिसमें बच्चों और शिक्षकों का जन्मदिन केक काटकर मनाया जाता है और विशेष पौष्टिक भोजन परोसा जाता है। एक पेड़ माँ के नाम, एक पेड़ बेटी के नाम जैसे पर्यावरणीय कार्यक्रम भी बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं।
इन सभी गतिविधियों की निगरानी के लिए अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं, जिनमें स्वयं उपायुक्त भी जुड़े हुए हैं और प्रतिदिन समीक्षा कर रहे हैं। उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यालयों, शिक्षकों और कर्मियों को पुरस्कृत किया जा रहा है। पाकुड़ जिले की यह पहल राज्य के अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बन रही है, और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार के साथ सतत सुधार की मिसाल पेश कर रही है।
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