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बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य, बेहतर मूल्यांकन और स्वच्छ विद्यालय पर ज़ोर
Pakur: उपायुक्त मनीष कुमार ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों एवं जिले के सभी शिक्षकों के साथ एक विस्तृत समीक्षात्मक बैठक की। इस बैठक में उन्होंने विद्यालयों की कार्यप्रणाली, उपस्थिति, मूल्यांकन, स्वच्छता एवं बच्चों की सहभागिता जैसे कई अहम बिंदुओं पर निर्देश दिए। उपायुक्त ने सबसे पहले शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की बात कही और निर्देश दिया कि विद्यालयों में बायोमीट्रिक अटेंडेंस को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा,
“शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित होगी तभी छात्रों की उपस्थिति में भी सुधार होगा। मुख्यमंत्री जी की मंशा है कि राज्य के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।”
बैठक में “बोलेगा पाकुड़” कार्यक्रम की सराहना करते हुए उपायुक्त ने कहा कि इससे छात्रों के आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि प्रत्येक बच्चे को विद्यालय में बोलने का अवसर दिया जाए। “रेगुलर एसेसमेंट फॉर इंप्रूव्ड लर्निंग (RAIL)” कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विद्यालयों में शत-प्रतिशत छात्रों का समय पर मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाए और परीक्षा के परिणामों की गहन समीक्षा हो।
उपायुक्त ने उन छात्रों के संदर्भ में चिंता जताई जो लगातार 15 दिनों से अधिक अनुपस्थित हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे छात्रों के अभिभावकों को सूचना दी जाए, और चेतावनी के बावजूद अगर उपस्थिति में सुधार नहीं होता है तो विद्यालय से उनका नामांकन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इस अवसर पर उपायुक्त ने घोषणा की कि 15 अगस्त को उत्कृष्ट कार्य करने वाले 50 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही ‘परख बुकलेट’ का लांच किया जाएगा और पेंटिंग एग्जीबिशन का आयोजन भी विभिन्न स्थानों पर किया जाएगा।
बैठक में स्वच्छ एवं हरित विद्यालय को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के तहत शौचालय की उपलब्धता, स्वच्छ पेयजल, हाथ धोने की व्यवस्था, माहवारी स्वच्छता, जल संरक्षण, जलवायु परिवर्तन एवं विद्यालय संरचना जैसे बिंदुओं पर मूल्यांकन किया जाएगा। इस पुरस्कार के तहत अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को प्रोत्साहन एवं वित्तीय लाभ भी दिया जाएगा।
उपायुक्त ने सभी शिक्षकों से आग्रह किया कि वे SBMSSG2025 मोबाइल एप डाउनलोड कर उसमें फीडबैक अवश्य दें, ताकि स्वच्छता सर्वेक्षण में पाकुड़ की अग्रणी स्थिति बनी रहे।
शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों, सभी शिक्षकों के साथ बैठक की।विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति में सुधार लाने के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस लेना जरूरी है।माननीय मुख्यमंत्री जी की भी यही सोच है कि राज्य के सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले।@EduJharkhand @JharkhandCMO @EduMinOfIndia pic.twitter.com/GtU7Cl4GMF
— DC PAKUR (@dcpakur) July 8, 2025
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