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बच्चों को बेहतर शिक्षा व मूलभूत सुविधाएं देने पर ज़ोर, उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश
Pakur, 30 जुलाई: उपायुक्त मनीष कुमार ने जिले में कल्याण विभाग के तहत संचालित एनजीओ द्वारा संचालित सेवा आश्रम, आवासीय/एकलव्य विद्यालयों एवं दिवाकलीन विद्यालयों के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान परियोजना निदेशक, आईटीडीए श्री अरुण कुमार एक्का समेत संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में उपायुक्त ने सभी विद्यालयों में बच्चों के नामांकन की स्थिति, मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता, पेयजल, साफ-सफाई और आधारभूत संरचना निर्माण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि विद्यालय में किसी प्रकार की सुविधा की आवश्यकता है तो उसका प्रस्ताव जल्द से जल्द दें।
उपायुक्त ने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना, साथ ही उन्हें पाठ्येत्तर गतिविधियों में भी भाग लेने के लिए प्रेरित करना, जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्कूलों में स्वच्छता, पेयजल, स्कूल ड्रेस और अनुशासन जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके साथ ही उपायुक्त ने जिले के सभी 9 दिवाकलीन विद्यालयों की भी समीक्षा की। उन्होंने 100 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए और सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने को कहा।
उपायुक्त ने कहा,
“स्कूल सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं, बच्चों के सर्वांगीण विकास का माध्यम बनें”
उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों को किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, स्वस्थ आदतों और नैतिक मूल्यों की ओर भी प्रेरित करें। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि विद्यालयों में किसी भी प्रकार की कमी को नजरअंदाज न किया जाए और उसका समाधान समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
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