Pakur, 31 जुलाई: प्रोजेक्ट प्राण के तत्वावधान में रेवैम्प्ड राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना के तहत “अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम सभा के अधिकार एवं जिम्मेदारी” विषय पर दो दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन सूचना भवन सभागार में किया गया। कार्यशाला में 100 से अधिक ग्राम प्रधानों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन ने पेसा अधिनियम 1996 और संविधान के अनुच्छेद 244 के तहत ग्राम सभाओं को मिले अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा को खनन, वनाधिकार, पारंपरिक व्यवस्था, एवं स्थानीय संसाधनों के प्रबंधन में प्रमुख भूमिका दी गई है, जिसका क्रियान्वयन अनिवार्य है।
जिला पंचायत राज पदाधिकारी प्रीतिलता मुर्मू ने कहा कि ग्राम सभा का आयोजन नियमानुसार किया जाए तथा योजनाओं का चयन स्थानीय प्राथमिकता के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सशक्त ग्राम सभा से पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसहभागिता बढ़ेगी। विशेष कार्य पदाधिकारी त्रिभुवन कुमार सिंह ने प्रशिक्षण को पंचायत प्रतिनिधियों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि जो बातें कार्यशाला में सिखाई गई हैं, उन्हें व्यवहार में लाकर ही गांव का समग्र विकास संभव है।
कार्यशाला में मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रतिनिधियों को ग्राम सभा के अधिकारों, कर्तव्यों और संवैधानिक प्रावधानों की जानकारी दी गई। आयोजन का मुख्य उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाकर उन्हें सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने क्षेत्र में बेहतर नेतृत्व दे सकें।
प्रोजेक्ट प्राण के तत्वधान में रेवम्पेड राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम सभा के अधिकार एवं जिम्मेवारी विषय पर दो दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन सूचना भवन सभागार में आयोजित किया गया।@JharkhandCMO @doprjharkhand @mopr_goi @prdjharkhand pic.twitter.com/KXfbEs43ei
— DC PAKUR (@dcpakur) July 31, 2025
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