Chaibasa/Ranchi: झारखंड (Jharkhand) के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा सदर अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही उजागर हुई है। थैलेसीमिया से पीड़ित पांच बच्चों को संक्रमित खून चढ़ा दिया गया, जिसके बाद उनकी HIV रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस मामले ने पूरे राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घटना को “बेहद पीड़ादायक” बताते हुए सिविल सर्जन समेत संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित बच्चों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी और संक्रमित बच्चों का पूरा इलाज राज्य सरकार के खर्च पर कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘X’ (पूर्व ट्विटर) पर लिखा,
“थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों का संक्रमित होना अत्यंत पीड़ादायक है। राज्य के सभी ब्लड बैंकों का ऑडिट पांच दिनों के भीतर पूरा कर रिपोर्ट सौंपी जाए। स्वास्थ्य प्रक्रिया में लचर व्यवस्था किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को भी मामले का संज्ञान लेने का निर्देश दिया है।
चाईबासा में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों का संक्रमित होना अत्यंत पीड़ादायक है।
राज्य में स्थित सभी ब्लड बैंक का ऑडिट कराकर पांच दिनों में रिपोर्ट सौंपने का काम करे स्वास्थ्य विभाग। स्वास्थ्य प्रक्रिया में लचर व्यवस्था किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री श्री…— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) October 26, 2025
हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, मांगी रिपोर्ट
घटना के बाद झारखंड हाईकोर्ट ने भी गंभीरता दिखाई है। कोर्ट ने राज्य के स्वास्थ्य सचिव और जिला सिविल सर्जन से रिपोर्ट तलब की है। अदालत के आदेश पर जांच के लिए रांची से पांच सदस्यीय विशेषज्ञ टीम शनिवार को चाईबासा पहुंची। जांच में यह सामने आया कि संक्रमित पाए गए बच्चे थैलेसीमिया पीड़ित हैं, जिन्हें नियमित रूप से ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ती है। शुरुआत में 3 सितंबर को एक सात वर्षीय बच्चे में HIV संक्रमण मिला था। 18 अक्टूबर को जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मामला तूल पकड़ गया। आगे की जांच में चार और बच्चों में संक्रमण की पुष्टि हुई।
जांच में ब्लड बैंक की लापरवाही उजागर
स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि संक्रमण किस माध्यम से फैला, क्या संक्रमित खून के जरिए या किसी अन्य प्रक्रिया से। फिलहाल जांच जारी है। निरीक्षण के दौरान मेडिकल टीम ने ब्लड बैंक और लैबोरेटरी में कई गंभीर खामियां पाईं, रिकॉर्ड में गड़बड़ी, ब्लड स्क्रीनिंग में लापरवाही, स्टाफ की निगरानी में कमी और असुरक्षित प्रक्रियाएं सामने आईं। डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि अस्पताल प्रशासन को एक सप्ताह के भीतर सभी खामियां दूर करने का निर्देश दिया गया है। तब तक ब्लड बैंक केवल आपात स्थिति में ही कार्य करेगा।
आंकड़े डराने वाले: 515 HIV पॉजिटिव, 56 थैलेसीमिया मरीज
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी सिंहभूम जिले में इस समय 515 HIV पॉजिटिव मरीज और 56 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने उन सभी डोनर्स और ब्लड सैंपल्स का पता लगाने का आदेश दिया है जो हाल के महीनों में ब्लड ट्रांसफ्यूजन में उपयोग किए गए थे, ताकि संक्रमण के स्रोत की पहचान की जा सके।
लोगों में आक्रोश, प्रशासन पर उठे सवाल
घटना के बाद चाईबासा और आसपास के इलाकों में आक्रोश है। परिजनों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ने मासूम बच्चों की जिंदगी खतरे में डाल दी है। स्थानीय प्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अस्पतालों की पारदर्शी निगरानी की मांग की है।
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