Farakka (Murshidabad): फरक्का विधानसभा क्षेत्र के प्रख्यात वरिष्ठ नेता और पांच बार के पूर्व विधायक मैनुल हक का रविवार की सुबह निधन हो गया। उन्होंने कोलकाता के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे पिछले कई दिनों से दिल का दौरा पड़ने के बाद उपचाराधीन थे। उनके निधन की खबर फैलते ही फरक्का और पूरे मुर्शिदाबाद जिले में शोक की लहर दौड़ गई।
मैनुल हक ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में फरक्का विधानसभा क्षेत्र का कई बार प्रतिनिधित्व किया और जनता के बीच एक लोकप्रिय जननेता के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। वे अपने सहज, मिलनसार और विकासमुखी राजनीति के लिए जाने जाते थे। राजनीतिक जीवन के अंतिम वर्षों में वे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल हुए थे, जहाँ उन्हें पार्टी का राज्य उपाध्यक्ष बनाया गया था।
उनके निधन से तृणमूल कांग्रेस सहित पूरे जिले की राजनीति में गहरा शून्य पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों और समर्थकों ने बताया कि मैनुल हक जनता की समस्याओं को लेकर हमेशा सक्रिय रहते थे और हर वर्ग के लोगों से गहरा जुड़ाव रखते थे।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि मैनुल हक का जाना एक युग का अंत है। उनके पार्थिव शरीर को सोमवार को फरक्का लाया जाएगा, जहाँ अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।
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