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बिहार में चुनाव प्रचार से लौटते वक्त ग्वाला रेस्टोरेंट में लिया लिट्टी-चोखा और कुल्हड़ चाय का आनंद, लेकिन अस्पताल की ओर नहीं डाली नजर!
Sahibganj: झारखंड के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी शनिवार की देर शाम मनिहारी के रास्ते साहिबगंज पहुंचे। बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार अभियान खत्म कर लौटते वक्त मंत्री ने जिला परिषद उपाध्यक्ष सुनील यादव व कांग्रेसी नेताओं से मुलाकात की। स्थानीय नेताओं ने मंत्री का बुके देकर स्वागत किया।
लेकिन मंत्री के साहिबगंज आगमन को लेकर शहर में एक अलग ही चर्चा है। लोग कह रहे हैं कि झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री जब अपने ही विभाग के अधीन चल रहे साहिबगंज सदर अस्पताल के सामने से गुजरे, तो अस्पताल की स्थिति जानने तक की जरूरत नहीं समझी। अस्पताल की ओर न मुड़कर मंत्री सीधे साहिबगंज स्टेडियम के ऊपर करम पहाड़ पर स्थित ग्वाला रेस्टोरेंट पहुंच गए। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वहां उन्होंने लिट्टी-चोखा और कुल्हड़ वाली चाय का लुत्फ उठाया।
मंत्री ने रेस्टोरेंट में बैठकर कहा कि “यहां का नज़ारा मसूरी और दार्जिलिंग की याद दिला देता है।” मगर इस बयान से इतर, स्थानीय लोगों में यह सवाल गूंज रहा है कि साहिबगंज की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उनकी नजर कब पड़ेगी? शहरवासियों ने तंज कसते हुए कहा कि “मंत्री जी को चाय की चुस्की का ख्याल रहा, लेकिन अस्पताल की व्यवस्था देखने का नहीं।” कई मरीज और परिजन अस्पताल में इलाज को लेकर जूझते रहे, वहीं मंत्री महोदय का काफिला अस्पताल के ठीक बगल से गुज़र गया।
बताया गया कि देर रात मंत्री बोरियो-बरहेट मार्ग से होकर अपने गृह जिला जामताड़ा के लिए रवाना हो गए। जाते-जाते उन्होंने जिले के स्वास्थ्य ढांचे पर एक शब्द तक नहीं कहा। अब साहिबगंज के लोगों के बीच बस यही सवाल गूंज रहा है, “क्या झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री को अपने ही विभाग की जमीनी हकीकत देखने की जरूरत नहीं महसूस होती?”









