Sahibganj: बरहरवा–फरक्का मार्ग पर परिवहन विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल! पत्थर माफियाओं पर नहीं चलता विभागीय डंडा?

Sahibganj: Questions raised about the Transport Department's action on the Barharwa-Farakka road! Does the department's action not work against the stone mafia?

Barharwa (Sahibganj): बरहरवा अंचल क्षेत्र का कोटालपोखर और फुटानी मोड़ चेकनाका लंबे समय से बिना माइनिंग चालान, ओवरलोडिंग और अवैध पत्थर परिवहन के लिए बदनाम रहा है, क्यूंकि इन्हीं रास्तों से होकर खनिज लदे वाहन रोजाना आवागमन करते हैं। स्थानीय लोगों की शिकायतें, विभिन्न मीडिया रिपोर्टें और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो लगातार यही तस्वीर दिखाते हैं कि अवैध पत्थर लदे ट्रकों का परिचालन दिन-रात जारी रहता है। इसके बावजूद परिवहन विभाग की नजर बालू और फ्लाई ऐश लदे वाहनों पर ही टिक रही है।

बीते दिनों डीटीओ टीम ने पहले बालू लदे दो ट्रेलर और फिर फ्लाई ऐश से भरा एक ट्रक जब्त किया। लेकिन हैरत की बात यह है कि दोनों बार विभागीय कार्रवाई के दौरान उन्हें एक भी पत्थर लदा ओवरलोड ट्रक नजर नहीं आया, जबकि यही मार्ग अवैध परिवहन का सबसे बड़ा गलियारा माना जाता है। यह संयोग है या लापरवाही, यह सवाल अब जनता सीधे पूछ रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पत्थर माफिया की ओवरलोड गाड़ियां दिन हो या रात, बिना रोकटोक बंगाल की ओर गुजरती रहती हैं। सड़कें टूट रही हैं, धूल उड़ रही है, दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन इन वाहनों पर कार्रवाई शून्य है। ऐसे में सिर्फ बालू और फ्लाई ऐश लदे वाहनों की धरपकड़ अभियान कम और दिखावा ज्यादा प्रतीत हो रहा है।

फ्लाई ऐश वाहनों पर आम तौर पर शायद ही कार्रवाई होती है, क्योंकि यह सामग्री मुख्यतः सड़क और हाईवे निर्माण में लगती है और इसके लिए अलग माइनिंग चालान की जरूरत नहीं होती। इसके बावजूद डीटीओ ने फ्लाई ऐश ट्रक को कागजों की कमी बताकर जब्त कर लिया। लेकिन उसी सड़क पर रोजाना गुजरने वाली ओवरलोड पत्थर गाड़ियां नजरअंदाज होती रहीं।

स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि परिवहन विभाग उन वाहनों को पकड़ रहा है जिन्हें पकड़ना आसान है, लेकिन पत्थर माफियाओं की गाड़ियों के सामने विभाग की कार्रवाई कहीं गायब हो जाती है। यह स्थिति न केवल विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है बल्कि यह संदेह भी पैदा करती है कि आखिर बरहरवा-फरक्का मार्ग पर अवैध पत्थर परिवहन को किसका संरक्षण प्राप्त है।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि परिवहन विभाग अगर सचमुच अवैध परिवहन रोकने को लेकर गंभीर है, तो उसे केवल चुनिंदा वाहनों को निशाना बनाने की बजाय पत्थर माफिया के खिलाफ कड़ी और लगातार कार्रवाई करनी होगी, वरना यह पूरी कार्रवाई सिर्फ “औपचारिकता” मानी जाएगी।

ये भी पढ़ें: Barharwa: स्वर्गीय थॉमस हांसदा की 15वीं पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि

WASIM AKRAM
Author: WASIM AKRAM

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisements
Rajesh Jaiswal - Ad created on August 15, 2025

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!