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Sahibganj के विकास के आड़े आ रहे पूर्व विधायक अनंत ओझा
Sahibganj: झामुमो के केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता पंकज मिश्रा ने रविवार को साहिबगंज में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में झारखंड विधानसभा की विपक्षी पार्टी और पूर्व सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार ने जिले की जनता को केवल घोषणाओं से ठगने का काम किया। रेल ओवर ब्रिज को लेकर जनता को भ्रम में रखा गया, जबकि हकीकत यह है कि पांच वर्षों के डबल इंजन के कार्यकाल में न तो कोई ठोस कार्ययोजना बनी और न ही ड्राफ्ट या ड्राइंग तैयार की गई।
पंकज मिश्रा ने कहा कि दिशा की बैठक में यह तथ्य सामने आया कि पूर्व सरकार ने आरओबी निर्माण को लेकर कोई औपचारिक पहल ही नहीं की थी। उन्होंने बताया कि इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 24 सितंबर 2025 को जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर आवश्यक कागजात रेलवे को सौंप दिए, ताकि टेंडर प्रक्रिया शुरू हो सके। बावजूद इसके, पूर्व विधायक द्वारा रांची स्थित एजी कार्यालय और केंद्रीय रेल मंत्री को पत्र लिखकर पटेल चौक से आरओबी नहीं बनाने का आग्रह किया गया, जिससे काम में अड़चन पैदा हुई।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और रेल प्रशासन के साथ हुई बैठकों में पूर्वी और पश्चिमी रेल फाटक के पास आरओबी निर्माण, इंटरसिटी ट्रेन में अतिरिक्त कोच जोड़ने, अपर इंडिया एक्सप्रेस को पुनः चालू करने और वनांचल एक्सप्रेस में फर्स्ट एसी कोच लगाने जैसी कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। एक सप्ताह में काम शुरू करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन रेल प्रशासन लगातार आनाकानी कर रहा है।
पंकज मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 जनवरी तक दोनों आरओबी का कार्य शुरू नहीं होता है तो 16 जनवरी से रेल के माध्यम से गिट्टी की ढुलाई अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन को जिले के पत्थर व्यवसायियों का समर्थन प्राप्त है और 23 दिसंबर को उनके साथ बैठक भी प्रस्तावित है। पाकुड़ के पत्थर व्यवसायियों से भी इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है और जनवरी में उनके साथ बैठक की जाएगी।
राजमहल–मानिकचक गंगा पुल निर्माण को लेकर उन्होंने कहा कि इस विषय पर राजमहल क्षेत्र के विधायक और सांसद ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से वार्ता की थी, लेकिन पूर्व विधायक द्वारा सोशल मीडिया पर जनता को धमकाने वाली टिप्पणी की गई कि दोबारा जीत मिलने तक पुल नहीं बनेगा। पंकज मिश्रा ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जनता को धमकाने का अधिकार किसी को नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि 2026 तक केंद्र सरकार राजमहल–मानिकचक गंगा पुल को स्वीकृति नहीं देती है, तो 2027 से साहिबगंज से गोड्डा जाने वाला गंगा जल, ललमटिया और पाकुड़ से कोयले की ढुलाई अनिश्चित काल के लिए बंद कर दी जाएगी।
उन्होंने चैंबर ऑफ कॉमर्स और सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर साहिबगंज के विकास के लिए एकजुट हों। पंकज मिश्रा ने कहा कि उन्हें अंदेशा है कि इन मुद्दों को उठाने पर केंद्रीय एजेंसियां उनके पीछे पड़ सकती हैं, लेकिन वे इससे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें जेल भी जाना पड़ा तो जिले की जनता उनके परिवार का ख्याल रखेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता उनके साथ है और वे हर हाल में साहिबगंज को एक विकसित जिला बनाकर रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि मरीन ड्राइव का डीपीआर तैयार हो चुका है और जनवरी में उसका शिलान्यास किया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में झामुमो जिला अध्यक्ष अरुण सिंह, सांसद प्रतिनिधि संजीव सामु हेंब्रम सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।









