Sahibganj: प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (पीएमकेकेकेवाय) के नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर लगातार उठ रही आवाज़ और WM 24×7 News द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित खबरों का आखिरकार असर दिखने लगा है। बीते कई वित्तीय वर्षों से डीएमएफटी साहिबगंज फंड के क्रियान्वयन में वार्षिक ऑडिट और प्रतिवेदन को सार्वजनिक न किए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे। अब इन्हीं खबरों के प्रकाशन के बाद डीएमएफटी साहिबगंज समिति ने साहिबगंज जिला एनआईसी पोर्टल के डीएमएफटी पेज पर वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट एक साथ सार्वजनिक कर दी है।

पीएमकेकेकेवाय की नियमावली के अनुसार प्रत्येक वित्तीय वर्ष की समाप्ति के तीन माह के भीतर वार्षिक ऑडिट कराकर रिपोर्ट को डीएमएफटी पोर्टल पर सार्वजनिक करने के साथ-साथ राज्य विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य है। लेकिन साहिबगंज जिले में इन नियमों की वर्षों तक अनदेखी होती रही। इसी मुद्दे को WM 24×7 News ने सिलसिलेवार खबरों के जरिए उजागर किया, जिसमें डीएमएफटी फंड के उपयोग, पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। खबरों के लगातार प्रकाशन के बाद आखिरकार जिला प्रशासन और डीएमएफटी समिति हरकत में आई। परिणामस्वरूप अब तीन वित्तीय वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक हो चुकी है। नियमों के अनुसार फिलहाल केवल वित्तीय वर्ष 2024-25 का वार्षिक प्रतिवेदन सार्वजनिक किया जाना शेष रह गया है।
जानकारों का मानना है कि यदि यह प्रतिवेदन भी जल्द जारी कर दिया जाता है, तो यह पारदर्शिता की दिशा में एक अहम कदम होगा। इस घटनाक्रम को मीडिया की सक्रिय भूमिका और जनहित पत्रकारिता की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। वर्षों से दबे पड़े दस्तावेजों का एक साथ सामने आना यह साबित करता है कि जब नियमों की अनदेखी पर सवाल उठते हैं और उन्हें लगातार सार्वजनिक मंच पर रखा जाता है, तो प्रशासन को जवाबदेह होना ही पड़ता है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि डीएमएफटी साहिबगंज समिति आगे पीएमकेकेकेवाय के प्रावधानों का समयबद्ध और पूर्ण पालन करती है या नहीं। साथ ही यह भी देखने योग्य होगा कि सार्वजनिक हुई ऑडिट रिपोर्टों में दर्ज आपत्तियों और खामियों पर क्या ठोस कार्रवाई की जाती है। फिलहाल इतना तय है कि खबर के असर ने डीएमएफटी साहिबगंज में वर्षों से चली आ रही अपारदर्शिता पर पहली बार ठोस चोट की है।
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