Hazaribagh: साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में हजारीबाग पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर लोगों से यूपीआई के जरिए छोटी रकम ऐंठने और फिर उन्हें ब्लैकमेल करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसा रहा था।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई ‘प्रतिबिंब’ एप पर प्राप्त शिकायत और तकनीकी शाखा से मिले ठोस इनपुट के आधार पर की गई। विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के भेलवारा इलाके के आसपास गिरोह की गतिविधियां केंद्रित थीं। गिरोह के सदस्य फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस के विज्ञापन डालकर संपर्क करने वालों से पहले 500 से 1000 रुपये तक की रकम ट्रांसफर कराते थे। इसके बाद बातचीत के दौरान जुटाई गई कॉल रिकॉर्डिंग और तस्वीरों के जरिए पीड़ितों को डराकर लगातार पैसों की मांग की जाती थी।
तकनीकी जांच में संदिग्ध मोबाइल नंबरों की लोकेशन एक ही क्षेत्र में मिलने के बाद बैजनाथ प्रसाद के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। छापामारी के दौरान विष्णुगढ़–हजारीबाग रोड पर इंटर कॉलेज के पास देर रात एक कार को रोका गया, जिसमें सवार सभी छह लोग संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाए गए। पूछताछ में इनके साइबर ठगी गिरोह से जुड़े होने की पुष्टि हुई।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक कार, 12 मोबाइल फोन, 23 सिम कार्ड, 10 डेबिट कार्ड समेत कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। फिलहाल आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि गिरोह के पूरे नेटवर्क, बैंक खातों और अन्य संभावित सहयोगियों का खुलासा किया जा सके। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क पर करारा प्रहार हुआ है और आगे भी ऐसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
ये भी पढ़ें: Sahibganj: बरहेट–बरहरवा मुख्य मार्ग पर दर्दनाक सड़क हादसा, ऑटो–तेल टैंकर की टक्कर से तीन की गई जान









