Sahibganj: उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा एवं परियोजना निदेशक आईटीडीए संजय कुमार दास ने प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ पहाड़िया गांवों का मैराथन दौरा किया। इस दैरान पदाधिकारीयों ने मंडरो प्रखंड के करम पहाड़, कोदे पहाड़ व बोरियो प्रखंड के दुले पहाड़ व बिजुलिया पहाड़ में सैंकड़ों आदिम जनजाति महिला-पुरुष से मुलाकात कर सरकार की योजनाओं का हाल जाना।
उन्होंने इन गांवों में पेयजल, शौचालय, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सुविधा, सड़क, राशन की उपलब्धता, आवास, खेल के मैदान व अन्य व्यवस्था की जानकारी ली। पीएम आवास, जनमन योजना, एसबीएम सहित अन्य योजनाओं का भी हाल जाना।
वहीं सैंकड़ों महिला-पुरुष आदिम जनजाति पहाड़िया ग्रामीणों के बीच कंबल व फलदार पौधों का वितरण किया। जबकि प्रत्येक गांव में युवाओं की टीम को फुटबॉल भी दिया। उन्होंंने ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुर्गी, बकरी, बतख, सुअर पालन, बांस की खेती, व फलदार पौधा लगाने, मत्स्य पालन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ग्रामीणों ने आवेदन आमंत्रित किया।
उप विकास आयुक्त ने पहाड़िया गांवों में कंबल का वितरण किया और ग्रामीणों को स्वरोजगार के लिए मुर्गी, बकरी पालन, बांस की खेती, और मत्स्य पालन जैसे विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। यह पहल ग्रामीणों की समृद्धि और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए है। #Livelihood @JharkhandCMO pic.twitter.com/KT1jGFScsU
— DC Sahibganj (@dc_sahibganj) January 11, 2025
उन्होंंने कहा कि प्रशासन की टीम का आदिम जनजाति पाहड़िया गांवों के भ्रमण का उद्देश्य सरकार की योजनाओं की धरातल पर स्थिति का आकलन करना था। सभी विभाग के अधिकारियों ने संबंधित योजनाओं का निरीक्षण किया है। जहां कहीं भी कमी है, उसे दूर किया जाएगा। कमियों के अनुरूप विभागों को कार्य करने का लक्ष्य दिया गया है। अगले दौरे में लक्ष्य के अनुरूप कार्यों का आकलन किया जाएगा। डीडीसी ने बताया कि बिजुलिया में ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी केंद्र नहीं होने एवं राशन के लिए दूर जाने की शिकायत की है।
इसके बाद उन्होंने वहीं आंगनबाड़ी केंद्र बनवाने एवं पीडीएस दुकान की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने का निर्देश दिया है। भ्रमण के दौरान ठंड को देखते हुए प्रशासन की टीम ने घर-घर पहुंचकर पहाड़िया ग्रामीणों के बीच कंबल का वितरण किया है।
प्रशासन बिचौलिया संस्कृति को पूरी तरह से खत्म करने की कोशिश में लगा है ताकि ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे तौर पर दिया जा सके। ग्रामीणों से अपील भी की गई है कि ग्रामीण सीधे किसी भी जरूरत को लेकर प्रशासन से संपर्क करें। सरकार की सभी योजनाओं का लाभ उन तक सीधे पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत बड़े पैमाने पर फलदार वृक्ष लगाने व बांस की खेती एवं, मत्स्य पालन के लिए भी लोगों को आमसभा कर प्रस्ताव भेजने के लिए प्रेरित किया गया है। लोगों की सड़क नहीं होने की शिकायत पर तत्काल मोरंग मिट्टी की सड़क बनवाने का निर्देश दिया गया है। बिजली विभाग सर्वे कर रही है। जल्द ही ऐसे सुदूरवर्ती आदिम जनजाति पहाड़िया गांव बिजली से रोशन होंगे।
मौके पर पेजयल एवं स्वच्छता विभाग कार्यपालक अभियंता शशि शेखर सिंह, एसडीओ गौरव कुमार, जिला मत्स्य पदाधिकारी, कृषि विभाग डीपीओ अरुण भोक्ता, मनरेगा डीपीओ सुमित चौबे, ग्राम प्रधान सुरजा पहाड़िया, प्रधान मंगला पहाड़िया, प्रधान बुधना पहाड़िया सहित दर्जनों कर्मी व सैंकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।
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