- शहर घूमाने के नाम पर दिल्ली ले जाकर गांव के एक लड़के ने 4 लाख रूपए में बेचा
- 3 साल तक एक घर में रही कैद, जी नर्क जैसी जिंदगी
Sahibganj: 12 वर्ष की उम्र में मैंने जो नर्क का द्वार देखा है, वह किसी को न देखना पड़े, यह कहते हुये मानव तस्करी की शिकार हुई रानी सोरेन (काल्पनिक नाम) का शरीर तेजी से सिहर उठता है और वह अपने भयावह अतीत में कुछ देर के लिये खो जाती है. दरअसल, रानी की कहानी ह्यूमन ट्रैफिकिंग के जाल में फंसी उस आदिवासी बच्ची की है, जिसने कम उम्र में ही जिंदगी का स्याह पक्ष देखा और झेला है. लेकिन, तमाम मुश्किलों से उबरकर नये सिरे से जिंदगी की शुरूआत की है. गांव की इस सीधी-साधी बच्ची की संघर्ष और गरीबी के मकड़जाल की कहानी लोगों को फिल्मी भी लग सकती है. लेकिन, यह घटना पूर्णतय: सच्ची है. झारखंड के संताल परगना क्षेत्र के पिछड़े जिलों में गिनती में शामिल साहिबगंज जिले के पतना प्रखंड के एक गांव में जन्मी रानी ने जब अपना स्याह अतीत प्रभात खबर से साझा किया, तो उसकी रूह कांप उठी.
- शहर घुमाने के बहाने मानव तस्कर ले गया दिल्ली, 4 लाख में दिया बेच…
देशाटन का सपना आंखों में संजोये 12 वर्षीय रानी सोरेन की मुलाकात वर्ष 2018 में उसके गांव के ही एक दंपत्ति से हुयी. जिसने उसके अलावे गांव ही अन्य चार किशोरी को दिल्ली शहर घूमाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया. जहां पहुंचने के बाद उसे बहला-फुसलाकर एक दंपति अपने घर में ले गया. और, वहां उससे घर के छोटे-मोटे काम करवाये जाने लगे. गांव की सौम्य स्वभाव वाली किशोरी होने के कारण यहां तक रानी को किसी भी प्रकार का संदेह नहीं हुआ. पर, जैसे उसने घर जाने की इच्छा प्रकट की. उसके बाद उसने जो सुना, तो उसे झटका लगा. उसे बताया गया कि जिसके साथ वह आयी थी, उसने उसे 4 लाख रूपए में बेच दिया है. उस वक्त उसे घर पर न बताकर आने का बहुत बड़ा पछतावा हो रहा था.

- सही गुलामों जैसी जिंदगी, मिली शारीरिक यातनाएं…
गांव में जन्मी रानी को गोल रोटी बनाना और कपड़े इस्त्री करना भी नहीं आता था. एक तो वह घर में कैद थी, उसके बावजूद अगर रोटी जल जाती तो उसे रोटी फुलाने वाला चिमटे और कपड़े अच्छे इस्त्री नहीं करने पर इस्त्री गर्म कर दागा (जलाया) जाता था. उसे हमेशा डरा-धमकाकर शारीरिक यातनाएं दी जाती थी. घर पर सीसीटीवी से उसकी निगरानी रखी जाती थी. वहां उसे अपने सपनों से ज्यादा जान बचाने की चिंता थी. शुरू में शारीरिक यातनाओं के कारण वह मानसिक रूप से प्रभावित हो रही थी. लेकिन, करीब 3 वर्ष से अधिक उस घर में कैद रहने के बाद एक रात वह हिम्मत जुटाकर वहां से भाग निकली.
- देवदूत बनकर आई बिहार की पूजा पटेल…
कैद से आजाद होने के बाद पकड़े जाने के भय से वह डरी-सहमी दिल्ली की अनजान तंग गलियों एवं बड़े इलाकों से लगातार भागती रही. दो दिनों तक उसने केवल पानी पीकर अपना गुजारा किया. लेकिन, शारीरिक यातनाएं झेलने वाले शरीर को भूख ने और कमजोर बना दिया था. इस बीच दिल्ली की व्यस्त सड़कों में एक ऑटो की चपेट में आकर बेहोश हो गयी. घटनास्थल के पास मौजूद नाईट गार्ड व अन्य लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया. आज भी वह चोट उसके सिर पर है. इलाज के बाद बिहार के मुजफ्फरपुर जिला निवासी पूजा पटेल ने उसे अपने घर में शरण दिया और उसका अपनी बेटी की तरह ख्याल रखा. रानी ने बताया कि पूजा पटेल ही वह देवदूत थी, जिसने न सिर्फ लोंगो की सहायता से उसका इलाज कराया, बल्कि स्वस्थ होने के बाद कई महीने बाद उसकी शादी कराकर अतीत से उबरकर एक नई जिंदगी की शुरूआत करने में मदद की.
- दिसम्बर 2024 में पति व बेटे के साथ 6 साल बाद वापस लौटी घर…
2018 में मानव तस्करी की शिकार हुई 12 वर्षीय की बच्ची जब 6 वर्ष बाद दिसंबर 2024 में अपने पति व एक साल के बेटे के साथ साहिबगंज जिले के पतना स्थित अपने घर पहुंची, तो मां-बाप और गांव वालों को आंखों को विश्वास नहीं हुआ. सभी ने अपनी उस खोई बेटी का स्वागत किया. सभी के आँखों में खुशी के आंसू फूट पड़े. रानी ने बताया कि उसकी शादी यूपी के फर्रुखाबाद जिले में एक युवक के साथ हुयी. जिससे उनका एक साल का बेटा भी है. उसका शादीशुदा जीवन बहुत अच्छा चल रहा है. पति के सहयोग से गूगल मैप के सहारे वह बरहरवा रेलवे स्टेशन पहुंची, फिर वहां से घर पहुंची.

- मानव तस्कर के विरूद्ध निकाला गया अरेस्ट वारंट, पुलिस कर रही है तलाश…
इधर, रानी की मां ने बताया कि बेटी के लापता होने के बाद उसने गांव के कुछ लोगों के साथ दिल्ली जाकर सभी पुलिस स्टेशनों, बड़े-बड़े कारखाने में अपनी बेटी की काफी तलाश की और थक-हारकर वर्ष 2021 में रांगा थाना में तस्करों द्वारा बेटी को बेच देने की नामजद प्राथमिकी दर्ज कराकर बेटी की सकुशल बरामदगी की गुहार लगायी थी. तीन वर्षों बाद बेटी के घर पहुंचने पर सभी पुलिस स्टेशन पहुंचे और सारी कहानी बतायी. जिसे सुनकर पुलिस के होश उड़ गये. और, उसके बयान पर उक्त तस्कर के विरूद्ध पुलिस ने गिरफ्तारी वारंट निकाला है. रांगा थाना प्रभारी अखिलेश कुमार यादव व एसआई सत्यवान कुंभकर ने बताया कि वारंट जारी होने के बाद अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिये लगातार छापेमारी की जा रही है.

- रानी ने की लोगों से अपील…
रानी ने WM 24×7 News के माध्यम से रानी सोरेन ने क्षेत्रवासियों से अपील की, कि अक्सर ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले किशोर एवं किशोरी को सुहावने सपने दिखाकर मृगतृष्णा का खेल रचा जाता है. वह तो बचकर निकल गई लेकिन सबके साथ ऐसा नहीं होता है. अगर कोई भी काम दिलाने या घुमाने के नाम पर बाहर ले जाना चाह रहा है, तो सबसे पहले पुलिस को सूचित करें. और, कहीं बालिग युवक-युवती काम की तलाश में बड़े शहर जा रह हैं, तो पहले श्रमाधान पोर्टल पर रजिस्टर्ड करवा लें तथा अपने गांव के ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधि एवं पुलिस प्रशासन को सारी जानकारी दें कि किसके साथ जा रहे और कहां जा रहे हैं.
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