Pahalgam Terror Attack: AK 47 – M4 कार्बाइन, जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पहलगाम (Pahalgam) में आतंकी हमला (Terror Attack) करने वाले चार आतंकियों ने यही हथियार रखे हुए थे। 22 अप्रैल को वो पहलगाम की बैसारन घाटी में गए। यहां बहुत सारे लोग अपने परिवारों के साथ छुट्टियाँ मनाने आए हुए थे। आतंकियों ने लोगों से उनका नाम पूछा, उनके धर्म की शिनाख्त की और उन्हें गोलियों से भून दिया।
सुरक्षा एजेंसियों ने हादसे की जांच शुरू की और फिर आए तीन स्केच और एक फ़ोटो जारी किया। स्केच तीन संदिग्ध आतंकियों की और तस्वीर – इस हादसे में शामिल 4 आतंकियों की है। साथ ही सामने आए हैं कुछ नाम आसिफ फूजी, आदिल, सुलेमान शाह और अबू तलहा। ये लोग आतंकियों के उसी ग्रुप का हिस्सा बताए जा रहे हैं, जिन्होंने 22 अप्रैल को सैलानियों पर हमला किया था।
इस हमले के प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कुछ और जानकारियाँ सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार ग्रुप में से दो आतंकी पश्तो भाषा बोल रहे थे। पश्तो, यानी पश्तून लोगों द्वारा बोली जाने वाली भाषा, जो पाकिस्तान के उस हिस्से में प्रमुखता से बोली जाती है, जिसकी सीमा अफ़ग़ानिस्तान से लगती है। साथ ही ये जानकारी भी सामने आई है कि दो आतंकी स्थानीय निवासी थे। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों स्थानीय आतंकी त्राल और बेजबिहाड़ा के रहने वाले थे। सूत्रों के हवाले से आ रही जानकारियों की मानें, तो इन तमाम आतंकियों की सीमा पार पाकिस्तान के आर्मी कैंप में ट्रेनिंग हुई, ऐसा प्रतीत होता है। खबरों के मुताबिक, इन आतंकियों को लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर सैफुल्लाह कसूरी उर्फ खालिद हैंडल कर रहा था, और आदेश दे रहा था।
#PahalgamTerrorAttack | 42 terror launchpads active in PoK near LOC; 110-130 terrorists present there; 60-65 terrorists in Jammu, Rajouri & Poonch@Ashraf_Wani shares more details.#ITVideo | @AneeshaMathur pic.twitter.com/Qc3gxlR8RN
— IndiaToday (@IndiaToday) April 23, 2025
शुरुआती जानकारियों के मुताबिक, हमला करने आए आतंकियों में से अधिकांश ने कैमोफ्लाज वर्दी पहनी हुई थी। कुछेक ने कुर्ता पायजामा पहना हुआ था। कुछ ने टैक्टिकल वेस्ट पहने हुए थे और कुछ आतंकियों के वेस्ट और हेलमेट पर कैमरे भी माउंटेड थे. गोया वो पूरी वारदात को दिखाने वास्ते रिकार्ड कर रहे हों।

- क्या था घटनाक्रम?
कश्मीर के पहलगाम की बैसारन घाटी, ये इलाका पहलगाम टाउन से 6 किलोमीटर दूर है। पक्की सड़क नहीं है, लिहाजा यहां तक जाने के लिए खच्चर या घोड़े का इस्तेमाल करना होता है। 22 अप्रैल की दोपहर ढ़ाई बजे के आसपास का वक्त था। बैसारन में मौजूद मैदान में लोगबाग छुट्टियां काट रहे थे। तभी हथियारबंद आतंकी घुस आए। उन्होंने लोगों से नाम पूछा, धर्म की शिनाख्त की और फिर उन्हें गोली मार दी गई। अब तक इस घटना में 26 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।
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