Patna: बीएसएफ के सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज, बिहार के लाल, देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। उनके बलिदान ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे देश की आंखें नम कर दीं। लेकिन जिस तरीके से बिहार सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने इस शहादत को इवेंट में तब्दील कर दिया, वह बेहद शर्मनाक और असंवेदनशील है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) शहीद के घर जब पहुंचे, तो उनके सम्मान के नाम पर जो तैयारियां की गईं, उन्होंने लोगों को झकझोर दिया। मुख्यमंत्री नितीश कुमार (CM Nitish Kumar) के लिए लाल कालीन बिछाई गई, आरामदायक सोफे लगवाए गए और आनन-फानन में सड़क बना दी गई। शहीद परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है, लेकिन सरकार की प्राथमिकता, दिखावा रही। जिन गलियों में कभी सरकार की नजर तक नहीं पहुंची, वहां अचानक विकास की बयार सिर्फ इसलिए बहा दी गई क्योंकि मुख्यमंत्री को आना था।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस बिहार के ऑफिसियल फेसबुक पेज पर एक न्यूज़ वीडियो साझा कर कांग्रेस ने बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार (CM Nitish Kumar) के शहीद के परिवार के प्रति संवेदनहीनता पर सवाल उठाया है।
शहीद सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि उनके परिवार को न केवल आर्थिक सहायता मिले, बल्कि सामाजिक सम्मान, स्थायी सहयोग और उनकी भावनाओं की कद्र भी हो। राजनीतिक नेतृत्व से यह अपेक्षा की जाती है कि वे ऐसे पलों में संवेदना दिखाएं, सादगी अपनाएं और पीड़ित परिवार के साथ मानवीय जुड़ाव स्थापित करें, न कि प्रशासनिक ‘तामझाम’ से अपने चेहरे चमकाएं।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या शहीदों के सम्मान का यही तरीका है? क्या यह श्रद्धांजलि है या राजनीतिक तमाशा?









