Sahibganj, 24 मई 2025 (शनिवार): नगर थाना क्षेत्र के पटनिया टोला निवासी मनीष कुमार ने भवन प्रमंडल विभाग, साहिबगंज पर निविदा प्रक्रिया में अनियमितता बरतने का गंभीर आरोप लगाते हुए उपायुक्त हेमंत सती को शनिवार को लिखित आवेदन सौंपा है। उन्होंने विभाग द्वारा राज्य खाद्य सुरक्षा गोदाम बोरियो एवं अप्रोच पथ रेनोवेशन हेतु 20 मार्च 2025 को बुलाई गई निविदा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग की है।
आवेदन में मनीष कुमार ने बताया कि 20 मार्च 2025 को उन्होंने अपने साथ कुल 16 अन्य संवेदकों के साथ भवन प्रमंडल कार्यालय में निविदा के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा किए थे। इसमें एक संवेदक ने निर्धारित प्राक्कलित राशि से 38 प्रतिशत अधिकतम दर पर निविदा प्रस्तुत की थी। नियमानुसार, सबसे अधिकतम दर वाला संवेदक कार्य के लिए पात्र होता है, लेकिन विभाग ने उस संवेदक को दरकिनार कर किसी अन्य को कार्य आवंटित कर दिया।
पीड़ित के अनुसार जब उन्होंने विभाग से इसका कारण जानने का प्रयास किया, तो जवाब मिला कि यह निर्णय वरीय पदाधिकारी के दबाव में लिया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर निविदा प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर मनमानी तरीके से कार्य आवंटन किया गया। मनीष कुमार ने उपायुक्त से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि आख़िर कौन है वो वरीय पदाधिकारी जिसके दबाव में नियमों को दरकिनार कर टेंडर बांटा गया? क्या भवन प्रमंडल विभाग में पारदर्शिता सिर्फ दिखावा है? वरिष्ठता के नाम पर मनमानी करने वाले साहब पर कार्रवाई होगी या मामला ठन्डे बस्ते में चला जायेगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

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