Hyderabad: रिश्वत के नोटों का सेहरा और झुका चेहरा, 8000 की रिश्वत लेते पकड़ी गई महिला टैक्स अधिकारी

Hyderabad: A garland of bribe notes and a bowed face, a woman tax officer caught taking a bribe of Rs 8000
  • घूस के सेहरे में लिपटी टैक्स अफसर की तस्वीर ने खोली भ्रष्टाचार की पोल, Hyderabad ACB की तस्वीर ने किया सरेआम शर्मसार

Hyderabad: भ्रष्टाचार चाहे जितनी भी छोटी रकम का हो, उसकी सजा सिर्फ क़ानूनी नहीं, अब जनमानस की अदालत भी देने लगी है। तेलंगाना के हैदराबाद शहर में एक महिला टैक्स अधिकारी को मात्र 8000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। मगर असली शर्मिंदगी तब हुई जब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने उसे एक प्रतीकात्मक ‘सेहरे’ के साथ भ्रष्टाचार की बारात की दुल्हन बना दिया।

घटना 8 जुलाई की है। डिप्टी स्टेट टैक्स ऑफिसर एम. सुधा, जो माधापुर में तैनात थीं, उन्हें ACB ने जीएसटी रजिस्ट्रेशन फाइल पास करने के एवज में 8000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद जो तस्वीर मीडिया को जारी की गई, उसने सोशल मीडिया पर बेबाक बहस को जन्म दे दिया।

रिश्वत के नोटों का सेहरा और झुका चेहरा

ACB अधिकारियों ने बरामद किए गए 500-500 रुपये के नोटों को कुछ इस तरह से आरोपी के सामने सजाया जैसे कोई दूल्हा शादी के मंडप में बैठा हो। वहीं, आरोपी महिला अधिकारी का चेहरा शर्म से झुका हुआ था, जो अब सोशल मीडिया पर भ्रष्टाचार की प्रतीकात्मक तस्वीर बन गई है।

जनता की तीखी प्रतिक्रियाएं

सामने मेज पर रखे नोट और तीन बोतलों से ऐसी तस्वीर कैद की गई कि भ्रष्टाचार की भद्दी मिसाल बन गई। सोशल मीडिया पर लोग इस तस्वीर को देखकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

सौम्या रानी नाम की एक यूजर ने लिखा,

“ये सिर्फ 8,000 रुपये हैं। वो एक स्टेट टैक्स ऑफिसर है। ये उसके लिए बहुत ज्यादा है। आम तौर पर ऐसे अधिकारी लाखों में रिश्वत लेते हैं।”

हालांकि, सोमिना गणेश नामक यूजर ने इस तस्वीर पर सवाल उठाया। उन्होंने लिखा,

“ACB टीम मेरी निजी राय है कि इस तरह के पोस्ट और फोटो की जरूरत नहीं है। सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले विभाग के रूप में, सार्वजनिक रूप से गलत काम करने वालों की निंदा करना सभ्य नहीं है। यह कानून और आपके अधिकारियों पर निर्भर करता है कि वे कार्रवाई का तरीका तय करें। लेकिन सुधार का मौका भी दिया जा सकता है।”

यह बहस अब न्याय बनाम सार्वजनिक अपमान के बीच फंसी हुई है। ACB की कार्रवाई कानून के दायरे में है, लेकिन शर्मिंदगी का तरीका क्या नैतिक रूप से उचित है, यह विचारणीय प्रश्न बन गया है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB की मुहिम

ACB की यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। 7 जुलाई को भी एक डिप्टी तहसीलदार शेख जावेद को एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वे नागरिक आपूर्ति विभाग में प्रतिनियुक्त थे और तीन जब्त गाड़ियों की पंचनामा रिपोर्ट जारी करने के बदले रिश्वत मांग रहे थे।

ACB ने जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो 1064 पर कॉल करें या वॉट्सऐप नंबर 9440446106 पर शिकायत भेजें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

8000 रुपये की छोटी रिश्वत ने एक अफसर का करियर, छवि और सम्मान तीनों बर्बाद कर दिए। लेकिन बहस इस बात पर भी है कि क्या इस तरह सार्वजनिक तौर पर किसी को शर्मिंदा करना न्याय का हिस्सा होना चाहिए या नहीं। यह प्रकरण न केवल भ्रष्टाचार की गहराई को उजागर करता है, बल्कि कानून और नैतिकता की सीमाओं को भी चुनौती देता है।

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Author: WM 24x7 News

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