-
जांच कर कार्रवाई की मांग, डीडीसी को सौंपा गया आवेदन
Sahibganj, 29 जुलाई: अबुआ आवास और प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता और घोटाले का मामला सामने आया है। ग्राम छोटी कोदरजन्ना (पंचायत गंगाप्रसाद पश्चिम) के गयासुद्दीन ने इसको लेकर उपायुक्त कार्यालय में आवेदन देकर पंचायत सचिव से लेकर प्रखंड के कई कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उपायुक्त के अनुपस्थिति में उक्त शिकायत डीडीसी को सौंपा गया।
शिकायतकर्ता ने आवेदन में बताया है कि पंचायत सचिव पिथो हेम्ब्रम, रोजगार सेवक सुबोध कुमार, आवास मित्र सुजीता कुमारी, आवास कोऑर्डिनेटर वंदना कुमारी और कंप्यूटर ऑपरेटर राजेश कुमार मिलकर आवास योजना में जमकर धांधली कर रहे हैं। आरोप है कि इन कर्मियों द्वारा अयोग्य लाभुकों का चयन किया गया और बिना मकान बनाए ही दूसरे के घर को जियो टैग कर योजना की राशि निकाल ली गई।
गयासुद्दीन का कहना है कि ज़रूरतमंद लाभुकों को नजरअंदाज कर गैर-ज़रूरतमंद लोगों से 10 हजार से 20 हजार रुपये लेकर नाम जोड़ा गया और राशि की बंदरबांट की गई। उसने आवेदन में चार ऐसे लाभुकों की सूची भी दी है जिनके नाम पर या तो फर्जीवाड़ा हुआ है या जियो टैगिंग में हेराफेरी की गई है।शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि इन कर्मियों द्वारा खुलेआम कहा जाता है कि “जो करना है करो, हमसे कुछ नहीं होगा”, जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश है।
गयासुद्दीन ने डीसी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि योग्य लाभुकों को उनका हक मिले और पंचायत से भ्रष्टाचार खत्म हो सके।
योजनाओं में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार सम्बंधित शिकायतें तो जिले के आला अधिकारीयों के पास हमेशा ही आती हैं, लेकिन अब तक किसी पर कोई ठोस कार्रवाई शायद नहीं हुई है। क्यूंकि अगर कड़ी कार्रवाई होती तो ऐसे भ्रष्ट कर्मचारी और बिचौलियों पर कब का अंकुश लग गया होता। अब देखना यह है कि उपायुक्त या डीडीसी इस बार क्या कदम उठाते हैं?
ये भी पढ़ें: Barharwa: कांग्रेस की पहल से जले ट्रांसफार्मर जल्द होंगे बहाल, लोगों में जगी उम्मीद









