Pakur, 2 अगस्त: आयुष विभाग की ओर से पाकुड़ जिले में बच्चों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष योग प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया। आयुर्विद्या कार्यक्रम के तहत शनिवार को जिले के 32 विद्यालयों में विद्यार्थियों को योग, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण पॉलिटेक्निक कॉलेज, उत्क्रमित मध्य विद्यालय चांदपुर समेत कई शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित हुआ, जहां योग प्रशिक्षकों ने छात्रों को न केवल अभ्यास कराया, बल्कि योग के शारीरिक और मानसिक लाभों के बारे में विस्तार से बताया। विद्यार्थियों को नियमित रूप से योग करने के लिए प्रेरित किया गया।
आयुष विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों में शुरू से ही स्वस्थ जीवनशैली की आदतें विकसित करना है। साथ ही, आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, होम्योपैथी और योग जैसी आयुष पद्धतियों की उपयोगिता को समाज तक पहुंचाना भी इस अभियान का हिस्सा है। छात्रों ने योगाभ्यास में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कई छात्रों ने अनुभव साझा करते हुए बताया कि योग से उन्हें एकाग्रता और मानसिक शांति मिलती है, जो पढ़ाई में मददगार साबित हो रही है।
विद्यालयों के शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के समग्र विकास के लिए बेहद आवश्यक हैं। एक शिक्षक ने कहा, “योग सिर्फ स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि अनुशासित जीवन का भी आधार है। आयुष विभाग की यह पहल निश्चित ही नई पीढ़ी को मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त बनाएगी।” यह कार्यक्रम आयुष मंत्रालय की जमीनी पहुंच और बच्चों में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति विश्वास जगाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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