Ranchi, 4 अगस्त: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक शिबू सोरेन (Shibu Soren) का 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की पुष्टि स्वयं उनके पुत्र एवं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से की।
हेमंत सोरेन ने भावुक पोस्ट में लिखा,
“आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं।
आज मैं शून्य हो गया हूँ…”
आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं।
आज मैं शून्य हो गया हूँ…
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 4, 2025
शिबू सोरेन, जिन्हें झारखंड में “दिशोम गुरु” यानी जनजातीय समाज के मार्गदर्शक के रूप में जाना जाता है, उन्होंने राज्य के सामाजिक-राजनीतिक आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे आदिवासी अधिकारों की आवाज बने और झारखंड अलग राज्य की लड़ाई के प्रमुख स्तंभों में से एक रहे। शिबू सोरेन तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री और कई बार केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके थे। उनका राजनीतिक सफर संघर्षों और जनहित के मुद्दों से जुड़ा रहा, जिसने उन्हें झारखंड की जनता के बीच एक जननायक बना दिया।
उनके निधन पर राजनीतिक, सामाजिक और जनजातीय संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई है। पूरे झारखंड में शोक का माहौल है और उनके योगदान को याद करते हुए कई स्थानों पर श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जा रही हैं। शिबू सोरेन का अंतिम संस्कार कब और कहां होगा, इसकी आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। राज्य सरकार द्वारा राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
झारखंड की आत्मा को झकझोर देने वाला यह क्षण न केवल एक नेता के जाने का दुःख है, बल्कि एक युग का अंत भी है।
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