Medininagar: पलामू रेंज के डीआईजी नौशाद आलम से सोमवार को इत्तिहाद-ए-अमन कमिटी, गौसिया मोहल्ला पहाड़ी के नागरिकों ने मुलाकात की। बैठक में नागरिकों ने समाज से नशे की लत को जड़ से खत्म करने की मांग उठाई।
डीआईजी नौशाद आलम ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि घर-परिवार और पूरे समाज को खोखला करने वाली सबसे बड़ी बुराई है। उन्होंने कहा,
“सबसे पहले अभिभावकों को खुद संकल्प लेना होगा कि वे नशे से दूर रहेंगे और अपने बच्चों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।”
डीआईजी ने साफ चेतावनी दी कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की पैनी नज़र ऐसे स्थानों पर लगातार रहेगी जहाँ मादक पदार्थों का अवैध क्रय-विक्रय हो रहा है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई कार्यपालक दंडाधिकारी की मौजूदगी में की जाएगी ताकि दोषियों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सके।

दवा दुकानों को लेकर भी उन्होंने सख्ती दिखाई। डीआईजी आलम ने कहा,
“नशीली दवाएँ केवल डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही बेची जाएँ। अगर कोई मेडिकल स्टोर बिना पर्चे के नशीली दवाएँ बेचते पकड़ा गया, तो उस पर तुरंत कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि नशा एक ऐसा जाल है जो पूरी पीढ़ी को बर्बाद कर देता है। इसलिए हर वर्ग को इसकी रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा,
“आज के नौजवान देश के कर्णधार हैं, उनका भविष्य सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। पुलिस और प्रशासन लगातार अभियान चला रहे हैं और किसी भी हाल में नशे का कारोबार पनपने नहीं दिया जाएगा।”
ये भी पढ़ें: Ranchi: सूर्या हांसदा मामले पर झामुमो प्रवक्ता हेमलाल मुर्मू ने की प्रेसवार्ता









