Sahibganj: राजधानी रांची के नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स-2 को लेकर स्थानीय लोगों के विरोध के बीच अब संथाल परगना से इसे स्थापित करने की मांग उठने लगी है। साहिबगंज जिले के राजमहल निवासी एवं केन्द्रीय अध्यक्ष संत कुमार घोष ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आवेदन देकर आग्रह किया है कि रिम्स-2 का निर्माण संथाल परगना के भोगनाडीह (बरहेट) में किया जाए।
संत कुमार घोष ने कहा कि साहिबगंज जिला अति पिछड़ा है और राजधानी रांची से कोसों दूर होने के कारण यहां के लोगों को वर्तमान रिम्स की सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता। इलाज के लिए मरीजों को पश्चिम बंगाल के मालदा या बिहार के भागलपुर जैसे दूरस्थ जिलों का रुख करना पड़ता है। कई बार गंभीर मरीज लंबी दूरी तय करने के क्रम में रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
उन्होंने कहा कि संथाल परगना का यह इलाका अत्यंत गरीब, शोषित और वंचित है। यहां चिकित्सा सुविधाओं का घोर अभाव है। भोगनाडीह वीर शहीद सिद्धू-कान्हू और चांद-भैरव की जन्मस्थली है और मुख्यमंत्री का अपना विधानसभा क्षेत्र भी है। ऐसे में यदि रिम्स-2 का निर्माण भोगनाडीह (बरहेट) प्रखंड में होता है तो न सिर्फ संथाल परगना बल्कि पूरे उत्तर-पूर्वी झारखंड के लोग इसका लाभ उठा सकेंगे।
गौरतलब है कि रांची के नगड़ी में रिम्स-2 के लिए अधिग्रहित जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के विरोध और विस्थापन को लेकर टकराव की स्थिति बनी हुई है। इसी पृष्ठभूमि में अब संथाल परगना से रिम्स-2 को भोगनाडीह में शिफ्ट करने की मांग जोर पकड़ रही है।









