Farakka: NTPC फरक्का में शुक्रवार को आपदा प्रबंधन के तहत एक संयुक्त मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। संयंत्र परिसर में आयोजित इस अभ्यास में एक काल्पनिक आपदा स्थिति का सृजन किया गया, जिसमें भूकंप के कारण सीढ़ियों के ध्वस्त होने से सीएचपी-वॅगन ट्रिपलर क्षेत्र में फंसे कर्मियों के बचाव अभियान का प्रदर्शन किया गया। इस ड्रिल का संचालन परियोजना प्रमुख श्री देबव्रत कर के नेतृत्व एवं पर्यवेक्षण में किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, नदिया (प. बंगाल), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, मुर्शिदाबाद, फरक्का स्थानीय पुलिस, तथा एनटीपीसी फरक्का के मेडिकल, एचआर, आईटी और सेफ्टी विभागों के अधिकारी, आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य, और सीआईएसएफ की फायर एवं सुरक्षा इकाइयाँ शामिल रहीं। संयुक्त अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, तत्परता और आपदा की स्थिति में प्रभावी व समयबद्ध प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था। अभ्यास के बाद आयोजित डी-ब्रीफिंग सत्र की अध्यक्षता परियोजना प्रमुख श्री देबव्रत कर ने की।
इस दौरान अभ्यास से मिले अनुभवों, सीखी गई बातों और सुधार के बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। यह मेगा मॉक ड्रिल आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने तथा सभी संबद्ध एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।
इस अवसर पर राजशेखर पाला (जीएम–ओएन्डएम), ए. आर. मोहंती (जीएम–ऑपरेशन), धर्मेन्दु मंडल (डीएम एंड सीडी, मुर्शिदाबाद, डीडीएमपी इंचार्ज), विजय कुमार (वरिष्ठ कमांडेंट, सीआईएसएफ–एफएसटीपीएस यूनिट), प्रमोद चंद्र (उप-कमांडेंट, सीआईएसएफ–एफएसटीपीएस यूनिट) सहित एनटीपीसी फरक्का के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
ये भी पढ़ें: Sahibganj में बम काली विसर्जन यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़









