Ranchi: हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ भाजपा द्वारा जारी आरोप–पत्र पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि झारखंड की जनता झूठे आरोपों पर नहीं, सरकार के छह वर्षों में हुए वास्तविक काम और विकास की रफ्तार पर भरोसा करती है। जेएमएम ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह 19 साल तक सत्ता में रहने के बावजूद गरीबों, आदिवासियों, किसानों और युवाओं के लिए कोई ठोस काम नहीं कर पाई और आज विकास को कलंकित करने की कोशिश कर रही है।
जेएमएम की ओर से जारी प्रेस बयान में कहा गया कि भाजपा का आरोप–पत्र झूठ और अतिशयोक्ति का मिश्रण है, जिसमें न तो झारखंड की वास्तविकता दिखती है, न ही राज्य के लोगों के प्रति किसी संवेदना का भाव। पार्टी ने बड़ा दावा किया कि हेमंत सरकार की मंईयां सम्मान योजना के तहत करीब 50 लाख महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये डीबीटी के रूप में मिल रहे हैं, जो देश की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष सहायता योजना है। यह धोखा नहीं, बल्कि जनता से किया गया भरोसा है, जिसे सरकार निभा रही है।
सरकारी कर्मचारियों के मुद्दे पर जेएमएम ने कहा कि भाजपा कभी कर्मचारी हितों के लिए खड़ी नहीं हुई। पहली बार राज्यकर्मियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लागू हुई, महंगाई भत्ता बढ़ाया गया और पेंशनभोगियों को राहत दी गई, ऐसे साहसिक फैसले भाजपा की किसी भी सरकार ने लेने की हिम्मत नहीं दिखाई।
शिक्षा और स्वास्थ्य के मोर्चे पर सरकार की उपलब्धियाँ गिनाते हुए कहा गया कि सिर्फ एक साल में छह डिजिटल पोर्टल, टेक–बी कार्यक्रम, सैकड़ों शिक्षकों की नियुक्ति और 480 स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्वीकृति दी गई। वहीं खाद्य सुरक्षा और राहत योजनाओं को लेकर बयान में कहा गया कि जब भाजपा शासन में देशभर के गरीब अनाज के लिए लाइन में थे, तब झारखंड में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही थी।
प्रेस बयान :
———–◆ झारखंड की जनता भाजपा के आरोप पत्र पर नहीं, हेमंत सरकार के कामों पर भरोसा करती है :
◆ 6 साल की बुनियाद और विकास को कलंकित करने की कोशिश कर रही है :
हेमंत सरकार पर लगाए गये सभी आरोप राजनीतिक हताशा की उपज हैं। भाजपा झारखंड की जनता को फिर से भ्रमित… pic.twitter.com/c80RTLYwyh
— Vinod Kumar Pandey (@VinodPandeyJMM) November 29, 2025
रोजगार और बहाली के मुद्दे पर जेएमएम ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि हेमंत सरकार द्वारा जारी 8791 नियुक्ति पत्र युवाओं के लिए सम्मानजनक आजीविका है। भाजपा बताए कि उसके शासन में कितनी बहालियाँ हुईं, क्योंकि उस दौर की पहचान सिर्फ परीक्षा घोटाले, पेपर लीक और नियुक्ति बंदी थी।
आदिवासी हितों पर भाजपा को घेरते हुए कहा गया कि सबसे ज्यादा जमीन लूट, विस्थापन, खनन लूट और पुलिसिया दमन भाजपा के शासनकाल में हुआ। आज वही पार्टी आदिवासी हित की बात कर मगरमच्छ के आँसू बहा रही है।
सरकार ने विकास कार्यों को घोटाला बताने पर भी भाजपा को आड़े हाथों लिया। जेएमएम ने कहा कि भाजपा उन विभागों में भी घोटाले देखती है, जहां वास्तविक विकास हो रहा है। 19 साल तक भ्रष्टाचार की जमीन भाजपा ने तैयार की थी, जिसे सुधारने में आज भी कई विभाग लगे हुए हैं। हेमंत सरकार ने ई–गवर्नेंस से लेकर वित्तीय मॉनिटरिंग और टेंडर प्रक्रिया में व्यापक सुधार किए हैं।
प्रेस बयान में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि महिलाओं को सम्मान राशि, राज्यकर्मियों के लिए स्वास्थ्य बीमा और डीए बढ़ोतरी, शिक्षा में नए पोर्टल और विज्ञान लैब, प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति, टेक–बी कार्यक्रम के जरिए आईटी क्षेत्र में रोजगार, बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट में 26 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव, नेतरहाट जंगल सफारी और नए पर्यटन प्रोजेक्ट, सड़क-पुल और बिजली परियोजनाओं में तेजी तथा दुमका में झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट की शुरुआत राज्य के विकास की ठोस मिसालें हैं। गिग वर्कर कानून और फैक्टरी संशोधन से श्रमिकों को संरक्षण देना भी सरकार की बड़ी पहल बताई गई।
बयान के अंत में जेएमएम ने कहा कि झारखंड बदला है और आगे भी बदलेगा। भाजपा डर और झूठ के सहारे राजनीति करना चाहती है, लेकिन राज्य की जनता विकास देख रही है और हेमंत सरकार पर भरोसा कर रही है, जो जन–सुरक्षा, महिला सम्मान, श्रमिक हितों और संस्थागत सुधारों को प्राथमिकता देने वाली सरकार है।









