Sahibganj: अवैध खनन मामले में साहिबगंज पहुंची सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम तीन दिनों तक चली गहन पड़ताल के बाद आगे की रणनीति तय करने के उद्देश्य से वापस लौट गई है। हालांकि टीम की वापसी के बावजूद यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि जांच अभी थमी नहीं है और अवैध खनन से जुड़े साक्ष्यों को और मजबूत करने के लिए सीबीआई की टीम दोबारा साहिबगंज लौट सकती है।
तीन दिनों के दौरे के दौरान सीबीआई टीम ने जिले के खनन कार्यालय में लंबे समय तक डेरा डालकर खनन से जुड़े कई वर्षों पुराने दस्तावेजों, लीज संबंधी फाइलों, उत्पादन और परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की। सूत्रों के अनुसार, दस्तावेजों के मिलान के दौरान कई बिंदुओं पर विसंगतियां सामने आई हैं, जिन्हें लेकर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली गई।
इसके साथ ही टीम ने जिले के विभिन्न इलाकों में स्थित पत्थर खदानों और क्रशर साइटों का भी भौतिक निरीक्षण किया। खदानों में मशीनों की स्थिति, उनके संचालन, उत्पादन क्षमता और खनन क्षेत्र के दायरे को लेकर गहन पड़ताल की गई। खनन स्थलों पर मौजूद कर्मियों से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास किया गया कि किस अवधि में कितना खनन हुआ और उसका परिवहन किस माध्यम से किया गया।
जांच के दौरान एक पूर्व झामुमो जिला अध्यक्ष से पूछताछ की पुष्टि हुई, वहीं कुछ अन्य पत्थर कारोबारियों से भी पूछताछ को लेकर जिले में दिनभर चर्चाएं होती रहीं। सर्किट हाउस, जिला खनन कार्यालय और अन्य प्रशासनिक ठिकानों पर सीबीआई की आवाजाही से पूरे जिले में हलचल का माहौल बना रहा। पत्थर कारोबारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लगातार बैठकों और आवाजाही को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगती रहीं।
सूत्र बताते हैं कि सीबीआई टीम ने इस तीन दिवसीय जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों, बयानों और स्थल निरीक्षण से मिले तथ्यों को अपने साथ ले गई है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर अब आगे की जांच की दिशा तय की जाएगी। माना जा रहा है कि यदि दस्तावेजों के विश्लेषण में और गंभीर तथ्य सामने आते हैं, तो सीबीआई की टीम एक बार फिर साहिबगंज पहुंचकर पूछताछ और स्थल निरीक्षण को आगे बढ़ा सकती है।
सीबीआई की इस कार्रवाई का असर पूरे साहिबगंज जिले में साफ दिखाई दिया। तीन दिनों तक प्रशासनिक महकमे से लेकर पत्थर कारोबारी हलकों में दबाव और बेचैनी का माहौल बना रहा। लगातार बदलते घटनाक्रमों ने यह संकेत दे दिया है कि अवैध खनन मामला अभी निर्णायक मोड़ पर नहीं पहुंचा है और आने वाले दिनों में यह जांच और भी गहराने की संभावना रखती है।
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