Jharkhand Assembly Election 2024: संथाल परगना की बरहेट विधानसभा सीट पर पूरे सूबे की नजरें टिकी हुई हैं। 2014 से ही इस सीट पर खुद मुख्यमंत्री सह झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन चुनाव लड़ रहे हैं। लगभग तीन दशक से संथाल की यह सीट झामुमो का गढ़ रही है। 2005 विधानसभा चुनाव में भी भाजपा के सिमोन मालतो को 13739 मतों से पराजित करते हुए जेएमएम के थॉमस सोरेन ने जीत दर्ज की थी। 2009 में झामुमो की टिकट पर चुनाव लड़ हेमलाल मुर्मू ने निर्दलीय उम्मीदवार विजय हांसदा को 20318 मतों से हराया था। 2014 विधानसभा चुनाव में हेमंत सोरेन ने झामुमो से पाला बदल भाजपा में गए हेमलाल मुर्मू को 24087 मतों के अंतर से शिकस्त दी थी। वहीं 2019 में पुनः हेमंत सोरेन ने भाजपा प्रत्याशी सिमोन मालतो को 25740 वोट से हराकर फिर से झामुमो का परचम लहराया था।
बीते कुछ महीनों में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के लगातार साहेबगंज व बरहेट दौरे और गृह मंत्री अमित साह के परिवर्तन यात्रा की शुरुवात साहिबगंज जिले से करने से यह बात स्पष्ट है कि झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में भाजपा हर हाल में इस सीट पर अपना कब्जा जमाने में जुटी हुई है। विपक्ष लगातार हर वो सियासी चाल चल रही है जिससे झामुमो कमजोर हो। अब तक बरहेट सीट पर प्रत्याशी के नाम की घोषणा ना करना यह दर्शाता है कि NDA किसी दमदार उम्मीदवार की तलाश में है। ऐसे में देखना यह है कि दशकों से झामुमो का गढ़ रहे बरहेट सीट पर भाजपा किस उम्मीदवार का चयन करती है जो झामुमो के किले को बरहेट से ध्वस्त कर सके?
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