- आजसू (AJSU), सपा (SP) और कांग्रेस (Congress) के बीच होगी सीधी टक्कर
Pakur: पश्चिम बंगाल सीमा से सटा पाकुड़ (Pakur) विधानसभा सर्वाधिक अल्पसंख्यक वोटरों वाला विधानसभा है। माना जाता है कि यहां जिसने अल्पसंख्यक वोटरों को साध लिया उसके लिए पूरा चुनाव आसान हो जाता है। संथाल परगना (Santhal Paragna) में दूसरे और अंतिम चरण के तहत 20 नवंबर को मतदान होना है, वही वोटो की गिनती 23 नवंबर को की जाएगी। संथाल परगना के पाकुड़ विधानसभा में कांग्रेस, सपा और आजसू के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है।
झारखंड राज्य के गठन के बाद 2005 में हुए विस चुनाव में कांग्रेस के आलमगीर आलम ने जीत दर्ज की थी। वहीं 2009 के चुनाव में जेएमएम से प्रत्याशी रहे अकील अख्तर ने आलमगीर आलम को हरा विधानसभा पहुंचे थे। 2014 में भी जेएमएम से प्रत्याशी रहे अकील अख्तर और कांग्रेस के आलमगीर आलम के बीच कड़ी टक्कर रही। जिसमे आलमगीर आलम जेएमएम के अकील अख्तर को पराजीत कर फिर एक बार विधायक बने। वही 2019 विधानसभा चुनाव में जेएमएम और कांग्रेस के बीच गठबंधन होने के बाद अकील अख्तर जेएमएम का दामन छोड़ आजसू (AJSU) पार्टी में शामिल हो गए। कांग्रेस, भाजपा और आजसू के बीच चुनावी मुकाबले में फिर एक बार कांग्रेस ने बाजी मारी और आलमगीर आलम विधायक बने।
2019 विधानसभा चुनाव में आजसू (AJSU) पार्टी पाकुड़ से अकील अख्तर को प्रत्याशी बनाकर संथाल परगना मे अपनी उपस्थिति दर्ज करने का प्रयास में थी, वहीं 2024 में एनडीए गठबंधन में पाकुड़ की सीट आजसू पार्टी को मिलने के बाद पार्टी की टिकट पर अज़हर इस्लाम पाकुड़ सीट से चुनावी मैदान में हैं। आजसू पाकुड़ सीट पर अपना कब्जा जमा संथाल परगना में अपनी उपस्थिति दर्ज़ करना चाहती है। इस बार आजसू, सपा और कांग्रेस की सीधी टक्कर होने की संभावना दिख रही है। समाजवादी पार्टी से अकील अख्तर और कांग्रेस से निशात आलम चुनावी रणभूमि में हैं।
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