Sahibganj, 19 मई 2025 (सोमवार): उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में सोमवार को जिला स्तरीय समिति (DLC) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA)” पर विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को योजना की रूपरेखा से अवगत कराते हुए इसके सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा, “DAJGUA योजना का उद्देश्य जनजातीय समुदायों को मत्स्य पालन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना, उनके आर्थिक संसाधनों को सुदृढ़ करना और समग्र ग्रामीण विकास को गति देना है।”
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का, जिला मत्स्य पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार विन्हा, जिला अग्रिम बैंक प्रबंधक सुधीर कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने योजना से जुड़े प्रस्तावों और लक्ष्यों पर विचार-विमर्श किया और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागीय समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित किया।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA) — एक नई सोच, आत्मनिर्भरता की ओर
DLC बैठक में PMMSY के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जनजातीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन को सशक्त बनाने वाली DAJGUA योजना की रूपरेखा साझा की गई।@JharkhandCMO @HemantSorenJMM pic.twitter.com/5pyPioGaIx— DC Sahibganj (@dc_sahibganj) May 19, 2025
सत्र के दौरान जनजातीय समुदाय के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण कार्यक्रम, एवं तकनीकी सहयोग जैसे पहलुओं पर विशेष रूप से चर्चा हुई। उपायुक्त ने अंत में यह भी निर्देशित किया कि योजना का लाभ लक्षित समुदाय तक समयबद्ध तरीके से पहुँचे और प्रत्येक गतिविधि की निगरानी एवं रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए।
DAJGUA योजना की मुख्य विशेषताएँ
- उद्देश्य: जनजातीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देना
- लाभार्थी: अनुसूचित जनजाति के ग्रामीण परिवार
- क्रियान्वयन वर्ष: 2025–26
- सुविधाएँ: वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग
- समन्वय: कृषि, मत्स्य और बैंकिंग विभागों की साझेदारी
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