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5 सितंबर को होगा जुलूस-ए-मुहम्मदी का आयोजन, डीजे पर पूरी तरह पाबंदी
Udhwa (Sahibganj), 10 अगस्त: ईदों के ईद कहे जाने वाले ईद मिलाद-उन-नबी का पर्व आगामी 5 सितंबर को मनाया जाएगा। इसकी तैयारी को लेकर रविवार को दरगाहडंगा स्थित मदरसा पीर बाबा बहाउद्दीन कादरी ट्रस्ट में प्रखंड स्तरीय बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष मो. मसउद आलम ने की। इसमें मजार कमेटी, मुस्लिम बुद्धिजीवी और विभिन्न गांवों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में प्राणपुर, पलासगाछी, अमानत, पियारपुर, बेगमगंज, कटहलबाड़ी, मसना, केलाबाड़ी, इंग्लिश और जंगलपाड़ा सहित विभिन्न स्थानों से निकलने वाले जुलूस-ए-मुहम्मदी की तैयारी पर चर्चा हुई। जुलूस के मार्ग, पेयजल की व्यवस्था, साफ-सफाई, सुरक्षा और शांति बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
मौलाना अब्दुल खालिक ने कहा कि जुलूस में डीजे का उपयोग नहीं होगा। माइक और बॉक्स से नाते और कलाम पेश किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस्लाम शांति और भाईचारे का संदेश देता है, इसलिए आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा। मो. मसउद आलम ने बताया कि शांतिपूर्ण आयोजन के लिए अलग-अलग स्थानों पर बैठकें होंगी। 17 अगस्त को अंजुमन परिसर, प्राणपुर शाम 6 बजे, 21 अगस्त को गोबारगाड़ी मदरसा और फुटानी बाजार, बेगमगंज में शाम 6 बजे एवं 24 अगस्त को मध्य विद्यालय, पियारपुर में भी शाम 6 बजे बैठक की जाएगी।
झामुमो नेता केताबुद्दीन शेख ने कहा कि 5 सितंबर को 12 रबीउल अव्वल यानी हजरत मोहम्मद के यौम-ए-पैदाइश पर निकाले जाने वाले जुलूस में प्रशासन और जनता के सहयोग से पुख्ता सुरक्षा इंतजाम रहेंगे।
बैठक में सफीकुल आलम, मौलाना फारुख शम्सी, हाफिज सईद, एखलाकुर रहमान, अयुब अली उर्फ बबुआ, नेहरूल इस्लाम, अब्दुल शेख, साबीर आलम, सद्दाम हुसैन, ताजामुल मोमिन, मौलाना नुरुल हक, हाफिज तजाम्मुल अंसारी, इलियास शेख सहित कई लोग मौजूद थे।
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