Ranchi/New Delhi: झारखंड विधानसभा नियुक्ति घोटाले की जांच पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक हटाने के लिए सीबीआई (रांची) ने सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर की है। एजेंसी ने अदालत से अपील की है कि हाईकोर्ट के आदेश पर लगी रोक को खत्म किया जाए, ताकि घोटाले की जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि झारखंड विधानसभा में नियुक्ति और प्रोन्नति में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए राज्यपाल की अनुशंसा पर 7 जुलाई 2014 को एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया गया था। आयोग ने 30 बिंदुओं पर जांच के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें विधानसभा के तत्कालीन अध्यक्ष के कार्यकाल में नियुक्तियों के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितता और घूसखोरी का उल्लेख था। इस रिपोर्ट के आधार पर ही राज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।
झारखंड हाईकोर्ट ने 23 सितंबर 2023 को सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद सीबीआई ने प्रारंभिक जांच (PE) दर्ज की थी। लेकिन विधानसभा ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने 14 नवंबर 2024 को विधानसभा की याचिका स्वीकार करते हुए अगले आदेश तक सीबीआई जांच पर रोक लगा दी थी। तब से जांच की प्रक्रिया ठप पड़ी है।
सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा है कि PE जांच महज प्रारंभिक चरण है, जिसका मकसद आरोपों की पुष्टि करना होता है। जांच पर लगी रोक के कारण एजेंसी तथ्यों को जुटा नहीं पा रही है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि रोक हटाई जाए, ताकि भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोपों की जांच पूरी की जा सके। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की इस नई याचिका पर अभी सुनवाई की तारीख तय नहीं की है।
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