Ranchi: झारखंड विधानसभा नियुक्ति घोटाले में फिलहाल सीबीआई जांच का रास्ता बंद हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सीबीआई द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें विधानसभा नियुक्ति घोटाले की जांच पर लगी रोक हटाने की मांग की गई थी। इसके साथ ही मामले की सीबीआई जांच अभी शुरू नहीं हो पाएगी।
मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायाधीश के. विनोद चंद्रन की पीठ ने आज इस मामले पर सुनवाई की। सुनवाई की शुरुआत में विधानसभा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि मामला राजनीति से प्रेरित है और जब भी ऐसे मामले सामने आते हैं, सीबीआई अनावश्यक रूप से हस्तक्षेप करती है। उन्होंने तर्क दिया कि विधानसभा की ओर से दायर याचिका सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्वीकार कर चुका है, इसलिए सीबीआई की मांग उचित नहीं है।
सीबीआई की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने सिब्बल के तर्कों का विरोध करते हुए कहा कि नियुक्तियों में गंभीर अनियमितताएँ हुई हैं और जांच जारी रहने की अनुमति दी जानी चाहिए। हालांकि अदालत ने सीबीआई की दलीलों को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज कर दी।
गौरतलब है कि नियुक्ति घोटाले की जांच की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया था। आदेश के बाद सीबीआई ने प्रारंभिक जांच (PE) दर्ज कर प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इसी बीच विधानसभा की ओर से हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने उस दौरान हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी और याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर लिया था।
अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीबीआई की याचिका खारिज किए जाने के बाद नियुक्ति घोटाले की जांच पर लगी रोक यथावत बनी रहेगी।
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