Rajya Sabha Elections: राज्यसभा की सीटों के लिए सोमवार को देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। 10 राज्यों की कुल 37 सीटों के लिए हो रहे चुनाव के तहत सोमवार सुबह 9 बजे से मतदान शुरू हो गया, जो शाम 4 बजे तक जारी रहेगा। इसके बाद शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी और देर शाम तक नतीजे सामने आने की उम्मीद है। इस चुनाव में 7 राज्यों की 26 सीटों पर तस्वीर पहले ही साफ हो चुकी है, जहां उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं। जबकि हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 सीटों पर मतदान हो रहा है और इन राज्यों में सियासी समीकरणों के चलते उलटफेर की संभावना भी जताई जा रही है।
राजनीतिक दृष्टि से सबसे अधिक चर्चा हरियाणा, बिहार और ओडिशा को लेकर हो रही है। हरियाणा में कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों ने अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए खास रणनीति अपनाई है। कांग्रेस ने अपने 31 विधायकों को हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित एक रिजॉर्ट में ठहराया था, जबकि भाजपा ने अपने सभी 47 विधायकों को चंडीगढ़ के एक निजी होटल में रखा था। सोमवार को मतदान से पहले कांग्रेस के विधायक हिमाचल के कसौली से रवाना होकर चंडीगढ़ पहुंच गए और मतदान प्रक्रिया में शामिल हुए। दोनों दलों द्वारा विधायकों की ‘बाड़ेबंदी’ इस चुनाव की संवेदनशीलता को दर्शाती है।
उधर ओडिशा में भी सियासी हलचल चरम पर है। यहां विपक्षी दल बीजेडी और कांग्रेस ने रविवार को अपने पांच विधायकों को नोटिस जारी किया था। वहीं भाजपा ने अपने 82 विधायकों को पारादीप भेज दिया था, ताकि किसी भी तरह की क्रॉस-वोटिंग को रोका जा सके। हालांकि मतदान के लिए सभी विधायकों को वापस बुला लिया गया है। इस बीच कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ओडिशा कांग्रेस के विधायकों को क्रॉस-वोटिंग के लिए पांच-पांच करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया है। इस आरोप के बाद राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी तनाव और बढ़ गया है।
बिहार में भी मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है। विधानसभा में संख्याबल के आधार पर एनडीए की चार सीटों पर जीत लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन पांचवीं सीट को लेकर राजनीतिक गणित उलझा हुआ है। इस सीट पर संभावित क्रॉस-वोटिंग या रणनीतिक मतदान के कारण परिणाम में उलटफेर की आशंका जताई जा रही है, जिस पर सभी दलों की नजर टिकी हुई है।
राज्यसभा की 37 सीटों के इस चुनाव में 7 राज्यों की 26 सीटों पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। इन सीटों में एनडीए और विपक्ष को 13-13 सीटें मिली हैं। पहले इन 26 सीटों में एनडीए के पास 8 सीटें थीं, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 13 हो गई है, यानी एनडीए को यहां पांच सीटों का फायदा हुआ है। वहीं जिन तीन राज्यों हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें पहले एनडीए के पास चार सीटें थीं और चुनाव के बाद सात सीटें मिलने के आसार जताए जा रहे हैं। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो इन राज्यों में एनडीए को तीन अतिरिक्त सीटों का लाभ मिलेगा।
इस तरह कुल मिलाकर राज्यसभा चुनाव में एनडीए को आठ सीटों का फायदा होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम तस्वीर मतदान और मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पूरे देश की नजर इन तीन राज्यों के परिणामों पर टिकी हुई है, जहां क्रॉस-वोटिंग और राजनीतिक रणनीति चुनाव के समीकरण बदल सकती है।








