Sahibganj: साहिबगंज मंडल कारा में बंद एक बंदी की मंगलवार को सदर अस्पताल के कैदी वार्ड में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। वहीं बंदी की मौत को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं, क्योंकि गिरफ्तारी के महज तीन दिन के भीतर ही उसकी तबीयत इतनी बिगड़ गई कि इलाज के दौरान उसकी जान चली गई।
मिली जानकारी के अनुसार बरहेट थाना क्षेत्र के बरहेट सोनाजोरी निवासी मोहम्मद नईम को बरहेट पुलिस ने चोरी के एक मामले में 13 मार्च को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में साहिबगंज मंडल कारा भेज दिया था। बताया जाता है कि मोहम्मद नईम चोरी के एक पुराने मामले में वारंटी था। उसके विरुद्ध जीआर नंबर 433/18 दर्ज था, जिसके तहत न्यायालय से उसके खिलाफ वारंट जारी किया गया था।
जेल सूत्रों के अनुसार 15 मार्च को अचानक जेल के अंदर उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद जेल प्रशासन द्वारा उसे तत्काल साहिबगंज सदर अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस मामले में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. देवेश कुमार ने बताया कि 15 मार्च को बंदी को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था। अस्पताल पहुंचने के समय से ही मरीज की स्थिति काफी गंभीर थी। डॉक्टरों की टीम ने उसकी जांच की और बेहतर इलाज के लिए उसे बाहर रेफर करने की सलाह भी दी थी। हालांकि इसके बावजूद मरीज को बाहर इलाज के लिए नहीं ले जाया गया। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बंदी की मौत के बाद पूरे मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। गिरफ्तारी के महज तीन दिन के भीतर बंदी की तबीयत इतनी बिगड़ने और फिर उसकी मौत हो जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर जेल में ऐसा क्या हुआ कि उसकी हालत अचानक गंभीर हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यह मामला अब जांच का विषय बन गया है।
फिलहाल इस मामले में संबंधित अधिकारी कुछ भी स्पष्ट रूप से बोलने से परहेज करते नजर आ रहे हैं। वहीं बंदी की मौत के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ पाएगी।








