Sahibganj: उपायुक्त हेमंत सती के अध्यक्षता में कार्यालय प्रकोष्ठ में के सी सी झारखंड कृषि ऋण माफी योजना एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से संबंधित बैठक आयोजित की गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कार्यान्वित योजनाओं का भौतिक समीक्षा की गई। उपायुक्त ने प्रखण्ड स्तर पर खरीफ एवं रब्बी, केसीसी के आवेदन सृजन हेतु प्रोत्साहन, बीच विनिमय एवं वितरण योजना, बरसा फसल विस्तार योजना, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन की योजना एग्री क्लीनिक की स्थापना, एग्री स्मार्ट ग्राम योजना, बिरसा ग्राम विकास योजना, मिट्टी जांच प्रयोगशाला के सुदृढीकरण की योजना जानकारी ली गई।
बैठक में बताया गया कि पीएम किसान, केसीसी योजना अंतर्गत जिले में कुल 1602 आवेदन प्राप्त किए गए हैं जिन्हें बैंकों द्वारा स्वीकृत आवेदन की संख्या 1472 एवं बैंक द्वारा वापस और स्वीकृत आवेदन की संख्या 71 एवं में लंबित आवेदनों की संख्या 59 है। उपायुक्त ने निर्देश देते हुए कहा कि किसी योजना अंतर्गत जिले में छात्र प्रतिशत लाभुकों को लाभ दिया जाए एवं अधिक से अधिक फार्म जनरेट कराया जाए। झारखंड कृषि ऋण माफी योजना अंतर्गत केवाईसी से संबंधित कुल रन कृषकों की संख्या 20079 है जिनमें कुल किराए गए केवाईसी की संख्या 13718, लंबित केवाईसी की संख्या 6361 रही, कुल सम्भव प्रतीत नहीं होने के वाले केवाईसी की संख्या 3671 एवं कुल वास्तविक लंबित ई केवाईसी की संख्या 2690 रही है।

उपायुक्त द्वारा अधिक-से-अधिक किसानों को KCC Loan उपलब्ध कराने का निदेष दिया गया। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी की अध्यक्षता में सभी प्रखण्डों में प्रखण्ड स्तरीय बैंकर्स कमिटि (BLBC) की बैठक आयोजित करने का निदेष दिया गया। झारखण्ड कृषि ऋण माफी योजना अन्तर्गत मानक ऋणी कृषकों का झारखण्ड सरकार की ओर से ऋण माफी का सीमा 50000/- रू० से बढ़ाकार 200000/- रू० तक कर दिया गया है। जिन किसानों का e-KYC पूर्ण नहीं हुआ है, वे अपने नजदीकी प्रज्ञा केन्द्र में जा कर अपना e-KYC पूर्ण कर योजना का लाभ ले सकते हैं। दिनांक 31 मार्च 2020 से पहले कृषि ऋण लेने वाले मानक किसान ऋण माफी योजना का लाभ ले सकते हैं।
झारखण्ड मिलेट मिशन योजना अन्तर्गत सरकार रागी, ज्वार, बाजरा, कोदो, सावा इत्यादि मोटे अनाज की खेती करने वाले किसानों को 3000/- रू० प्रति एकड़ की दर से अधिकतम 5 एकड़ हेतु 15000/-रू० प्रोत्साहन राषि मुहैया करा रही है। कम-से-कम 10 डिसिमल क्षेत्र में मोटे अनाज की खेती करने वाले किसान निबंधन हेतु पात्र हैं, वे अपने नजदीकी प्रज्ञा केन्द्रों में आधार संख्या, मोबाइल नं०, बैंक खाता, जमीन संबंधित कागजात, घोषणा पत्र, बटाईदार किसान की स्थिति में रैयत द्वारा सहमति पत्र, रकबा का विवरणी से पोर्टल में (www.jharkhandmilletmisson.gov.in) अपना निबंधन करा सकतें हैं, जिसकी अंतिम तिथि 30.09.2024 है।
उपायुक्त, साहेबगंज द्वारा आगामी वर्ष हेतु पहाड़िया एवं संताल किसानों के बीच बीज की आवश्यकता का आकलन से संबंधित कार्रवाई करने का निदेष दिया गया। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का एवं सभी प्रखण्डों के प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों ने भाग लिया।
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