Sahibganj: झारखंड के साहिबगंज जिले में अपराध की बढ़ती घटनाएं आम नागरिकों के जीवन में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर रही हैं। लगातार हो रही गोलीबारी और हत्याओं से यह क्षेत्र अपराधियों के आतंक के साए में जी रहा है। साहिबगंज जिले में पिछले पांच महीनों के भीतर हत्या की 24 वारदातें सामने आ चुकी हैं। इनमें से कई मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। जिला पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, जनवरी से मई 2025 तक हत्या के 24 मामलों में केस दर्ज किए गए हैं। वहीं, अगर पिछले वर्ष 2024 के आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरे साल में कुल 45 हत्याएं दर्ज की गई थीं।
-
जिले में हुई एक के बाद एक वारदात:
गुरुवार, 22 मई 2025 को तालझारी थाना क्षेत्र के महाराजपुर गांव में 30 वर्षीय पांचू मंडल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसी दिन रात करीब 10:45 बजे, राधानगर थाना क्षेत्र के राधानगर गांव में 46 वर्षीय कृष्ण घोष को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। घायल अवस्था में उन्हें पश्चिम बंगाल के फरक्का स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
इन घटनाओं से पहले, 4 मई 2025 को, साहिबगंज नगर थाना क्षेत्र के कॉलेज रोड स्थित जीएस इलेक्ट्रॉनिक दुकान के मालिक संजीव कुमार शाह उर्फ गुड्डू साहा की दुकान में घुसकर नकाबपोश अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। अपराधियों ने उनका नाम पूछने के बाद सीने में गोली मारी और मौके से फरार हो गए। वहीं 6 मई 2025 को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नाड़ी दियारा गांव के जमाई टोला में रात करीब आठ बजे आपसी विवाद में गोली चली थी। जिसमें सियाराम मंडल गंभीर रूप से घायल हो गया था।
साल 2025 के जनवरी महीने में मिर्जा चौकी थाना क्षेत्र के महादेव वरन पंचायत के ग्राम प्रधान होली कोड़ा को मॉर्निंग वॉक से लौटते समय जमीन विवाद के चलते गोली मार दी गई। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इसी माह जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र में 27 वर्षीय नवल कुमार तांती को भी दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं मार्च 2025 में, यूट्यूबर सैफुल अंसारी के घर के बाहर बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस घटना में एक राहगीर घायल हो गया। बदमाशों ने सैफुल को गालियां देते हुए धमकाया और 25 से 30 राउंड फायरिंग की।
-
अब किसकी बारी?
साहिबगंज में बढ़ते अपराध के मामलों ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अगला निशाना कौन होगा? क्या आम नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने वाला कोई है? क्या प्रशासन और पुलिस मिलकर इस भयावह स्थिति से निपटने के लिए ठोस कदम उठाएंगे?
साहिबगंज जिले में हत्या के मामलों में वृद्धि और कई मामलों में अपराधियों की गिरफ्तारी न होने से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भय का माहौल है, और वे सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। हालांकि कुछ मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है, लेकिन कई मामलों में अपराधी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। जिले में चोरी, गोलीबारी और अवैध हथियारों की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिससे आम जनता में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। पुलिस को अपनी जांच प्रक्रिया में सुधार लाने और अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की आवश्यकता है, अन्यथा यह क्षेत्र अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बन जाएगा और आम जनता भय के साए में जीने को मजबूर होगी।
पांचू मंडल की हत्या मामले अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं, वहीं गोलीबारी में घायल कृष्णा घोष पर हमले के मामले में तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
ये भी पढ़ें: Sahibganj: राधानगर गोलीकांड का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने देशी कट्टा और बाइक किया बरामद









